गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के पर्यटन स्थल – Gorela Pendra Marwahi Tourist Place

Published On: June 6, 2026
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गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के दर्शनीय स्थल – Places to visit in Gaurela Pendra Marwahi / गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के आसपास घूमने वाली जगह

Gorela Pendra Marwahi

Gorela Pendra Marwahi जिला छत्तीसगढ़ का एक मुख्य जिला है। यह जिला मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित है। यह जिला प्राकृतिक रूप से बहुत खूबसूरत है। यहां पर अचानकमार वन्यजीव अभयारण्य का जंगल है। इस जिले से बहुत सारी नदियों का उद्गम होता है, जिनमें से अरपा नदी  प्रमुख है। गौरेला पेंड्रा मरवाही छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करीब 200 किलोमीटर दूर है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में घूमने के लिए बहुत जगह है, चलिए जानते हैं, उनके बारे में –

गौरेला पेंड्रा मरवाही में घूमने की जगह – Gaurela Pendra Marwahi mein ghumne ki jagah

लक्ष्मण धारा – Laxman Dhara

लक्ष्मण धारा गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला का एक सुंदर पर्यटन स्थल है। यहां पर एक सुंदर झरना देखने के लिए मिलता है। यह अरपा नदी पर बना हुआ है। यहां पर अरपा नदी चट्टानों के बीच से बहती है, जो बहुत ही सुंदर लगती है। यह झरना अचानकमार वन्यजीव अभयारण्य के अंदर स्थित है। यहां पर आने के लिए कच्ची सड़क उपलब्ध है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर चट्टाने हैं, जिनके बीच से अरपा नदी बहती है। बरसात में इस जगह का दृश्य बहुत ही जबरदस्त रहता है।  नदी के दोनों तरफ पेड़ पौधे देखने के लिए मिलते हैं। 

लक्ष्मण धारा घने जंगल के अंदर स्थित है। यहां पर सरकार के द्वारा किसी भी प्रकार का व्यवस्था नहीं करवाई गई है। यह जगह लोगों के बीच में ज्यादा प्रसिद्ध नहीं है। इसलिए यहां पर बहुत कम लोग आते हैं। मगर यह जगह बहुत खूबसूरत है और यहां पर फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आया जा सकता है। लक्ष्मण धारा पर आकर बहुत अच्छा लगता है। अगर आप शांति में समय बिताना चाहते हैं, तो यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह जगह गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में खोडरा के पास में स्थित है। यह खोडरा रेलवे स्टेशन से करीब 7 किलोमीटर दूर है। यहां पर आने के लिए कच्चा मार्ग उपलब्ध है। यहां पर कार और बाइक से पहुंचा जा सकता है। 

मरही माता मंदिर भनवारटंक – Marhi Mata Temple Bhanwartank

मरही माता का मंदिर गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले का एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर मरही माता को समर्पित है। यह मंदिर घने जंगल के अंदर स्थित है। मंदिर में रेलवे मार्ग और सड़क मार्ग के द्वारा पहुंचा जा सकता है। यह मंदिर भनवारटंक में स्थित है। भनवारटंक रेलवे स्टेशन से मंदिर करीब आधा किलोमीटर दूर है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। चारों तरफ घना जंगल है और मरही माता का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर पिकनिक मनाने के लिए आया जा सकता है। यह मंदिर पेंड्रा बिलासपुर रेल मार्ग पर स्थित है। यहां से रेल से आना आसान रहता है, क्योंकि जंगल के अंदर तक सड़क माध्यम से जाना थोड़ा कठिन रहता है। रेल से आप आते हैं, रेलवे स्टेशन से उतरकर मंदिर आसानी से जा सकते हैं। मगर यहां पर अगर रोड से आप आते हैं, तो रोड का रास्ता बहुत ज्यादा खराब है। पूरा कच्चा रास्ता है और कहीं कहीं पर रोड में बड़े-बड़े पत्थर भी हैं, जिससे आने में परेशानी होती है। 

अरपा नदी का उद्गम स्थल – Origin of Arpa River

अरपा नदी छत्तीसगढ़ की मुख्य नदी है। अरपा नदी का उद्गम गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में खोडरी गांव में हुआ है। यहां पर एक जलधारा बहती है, जिसे अरपा उद्गम स्थल के रूप में जाना जाता है। यहां पर मंदिर भी बना हुआ है, जहां पर शिव भगवान जी विराजमान है। यहां पर आकर घुमा जा सकता है। यह जगह  खोडरी रेलवे स्टेशन से करीब एक या डेढ़ किलोमीटर दूर होगी। 

मलानिया बांध गौरेला पेंड्रा मरवाही – Malania Dam Gaurela Pendra Marwahi

मलानिया बांध गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह बांध घने जंगलों के अंदर स्थित है। यह बांध बहुत ही सुंदर है। यह बहुत बड़ी एरिया में फैला हुआ है। यह बांध प्राकृतिक रूप से बना हुआ है। यहां पर सूर्यास्त का बहुत ही सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। यहां पर घूमने के लिए जाया जा सकता है और अच्छा समय बिताया जा सकता है। कहा जाता है, कि यहां अरपा नदी का उद्गम स्थल से हुआ है। मलानिया बांध पेंड्रा विकासखंड के अंतर्गत आता है। 

शिवघाट गौरेला पेंड्रा मरवाही – Shivghat Gaurela Pendra Marwahi

शिवघाट गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह स्थल सोन नदी पर बना हुआ है। यहां पर सोन नदी पर बड़ी-बड़ी चट्टानें हैं, जिनके बीच से सोन नदी बहती है। यहां पर बहुत ही अच्छा लगता है और यहां पर शिव मंदिर है, जहां पर शिव भगवान जी का शिवलिंग विराजमान है। यहां पर महाशिवरात्रि में मेले का आयोजन होता है, जहां पर दूर-दूर से लोग मेले में आते हैं। शिवघाट गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में मनौरा गांव में स्थित है। यह मरवाही विकासखंड के अंतर्गत आता है। यह जगह बहुत सुंदर है और यहां पर परिवार वालों के साथ पिकनिक मनाने के लिए आया जा सकता है। 

लखन घाट गौरेला पेंड्रा मरवाही – Lakhan Ghat Gaurela Pendra Marwahi

लखन घाट गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले का एक सुंदर स्थल है। यह स्थल भी सोन नदी के किनारे बना हुआ है। यहां पर एक सुंदर घाट देखने के लिए मिलता है। यहां पर शिव भगवान जी का मंदिर भी बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। यह हनुमान जी की बहुत बड़ी प्रतिमा के दर्शन यहां पर करने के लिए मिलते हैं। लखन घाट में सोन नदी का बहुत ही सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। लखन घाट में स्नान का मजा लिया जा सकता है। लखन घाट में मकर संक्रांति के समय मेला लगता है, जिसमें बहुत दूर-दूर से लोग आते हैं। 

राजमेरगढ़ – Rajmergarh

राजमेरगढ़ छत्तीसगढ़ का सबसे ऊंचा पॉइंट है। यहां छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित है। यह जगह छत्तीसगढ़ टूरिज्म के द्वारा विकसित की गई है। यहां पर एक व्यूप्वाइंट बना हुआ है, जहां से चारों तरफ की पहाड़ियों का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। यहां पर दूर-दूर तक फैला हुआ सुंदर जंगल देखने के लिए मिलता है। यह जगह बहुत सुंदर है। यह जगह अमरकंटक में अमरेश्वर मंदिर के पास में स्थित है। 

करी आम आश्रम गौरेला पेंड्रा मरवाही – Kari aam ashram gaurela pendra marwahi

करी ओम आश्रम गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले का एक मुख्य धार्मिक स्थल है। यह जगह बिलासपुर मरवाही बायपास सड़क में स्थित है। यह जगह घने जंगल में स्थित है। यह जगह मुख्य रूप से काली माता को समर्पित है। यहां पर भगवान शिव का मंदिर और हनुमान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर एक सुंदर तालाब भी बना हुआ है। यह जगह बहुत ही सुंदर है और चारों तरफ से जंगलों से घिरी हुई है। 

मंदिर का प्रवेश द्वार भी बहुत आकर्षक है। यह मंदिर भी रंग बिरंगा बना हुआ है। मंदिर में पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर काली ग्राम में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण गुप्त वंश में छठवीं शताब्दी में सिरपुर की महारानी के द्वारा काली मंदिर का निर्माण एवं मूर्ति स्थापना की गई थी। वर्तमान समय में यह जगह करी आम के नाम से प्रसिद्ध है। आप जब भी बिलासपुर में इस सड़क से आते हैं, तो आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मंदिर मुख्य सड़क में ही स्थित है। 

सोन कुंड (सोन नदी का उद्गम स्थल) – Son Kund (origin of Son river)

सोन कुंड गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले का एक धार्मिक स्थल है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सोन नदी अमरकंटक से सूख गई है। इसलिए पुनः सोन नदी का उद्गम इस स्थान पर हुआ है। इस जगह पर एक कुंड देखने के लिए मिलता है, जिसके बारे में कहा जाता है, कि यहां पर सोन नदी का उद्गम हुआ है। यहां पर मंदिर भी बना हुआ है। यहां पर सोनभद्र मंदिर देखने के लिए मिलता है और नर्मदा जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर शिवलिंग के दर्शन करने के लिए भी मिलते हैं। सोन कुंड गौरेला विकासखंड के आमडांड गांव में स्थित है। यहां पर आकर आप सोन नदी का उद्गम स्थल देख सकते हैं। 

सोन कुंड में मकर संक्रांति के समय बहुत विशाल मेला लगता है, जिसमें दूर दूर से लोग मेले में शामिल होने के लिए आते हैं। यहां पर अलग-अलग तरह की दुकानें लगती हैं। यह जगह मेले के समय बहुत ही भीड़ भाड़ वाली रहती है। आप यहां पर मेले के टाइम या किसी भी टाइम में घूमने के लिए आ सकते हैं। 

नेचर कैंप गंगनई जलाशय जामवंत माड़ा – Nature Camp Gangnai Reservoir Jamwant Mada

गंगनई जलाशय एक सुंदर जगह है। यहां पर नेचर कैंप बना हुआ है। यहां पर एक पार्क बना हुआ है। पार्क चारों तरफ से जंगलों से घिरा हुआ है। यहां पर जलाशय पहाड़ियों से घिरा हुआ है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर सुकून वाली शांति है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मरवाही विकासखंड के अंतर्गत आता है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यहां पर आने के लिए पक्की सड़क बनी हुई है। 

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