NAREGA HELP LINE NUMBER ऐसे करें (मनरेगा) से जुड़ी कोई भी शिकायत, तुरंत होगी सुनवाई, सेव करके रख लो

NAREGA HELP LINE NUMBER ऐसे करें (मनरेगा) से जुड़ी कोई भी शिकायत, तुरंत होगी सुनवाई, सेव करके रख लो

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ऐसे करें MGNREGA (मनरेगा) से जुड़ी कोई भी शिकायत, तुरंत होगी सुनवाई, सेव करके रख लो

Register NAREGA Complaint: क्या आपने मनरेगा योजना के तहत कार्य किया था लेकिन आपको कार्य का पूरा पैसा नहीं मिला है, आपको काम करने से रोका जाता है अथवा आपने जितने दिन काम किया था आपकी हाजिरी उतने दिन की नहीं लगाई जाती है, तो इन मामलों में आपको चिंता करने की जरुरत नहीं है। क्योंकि अब आप ऑनलाइन माध्यम से इन मामलों की शिकायत कर सकते हैं। अर्थात अब आप MGNREGA (मनरेगा) से जुड़ी कोई भी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं वो भी बिना किसी परेशानी के। तुरंत ही आपकी शिकायत की कार्यवाई की जाएगी।

आप ऑनलाइन तरीके के अतिरिक्त ऑफलाइन तरीके से भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। मनरेगा से सम्बंधित शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-1037 जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त आप शिकायत लेकपाल अथवा जिलाधिकारी को भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको लिखित आवेदन देकर कंप्लेंट दर्ज करनी है। तो चलिए जानते हैं शिकायत दर्ज करने की सम्पूर्ण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से।

MGNREGA (मनरेगा) क्या है?

मनरेगा एक योजना है जिसे भारत सरकार द्वारा रोजगार गारंटी योजना के रूप में शुरू किया गया है। इस योजना को 7 सितम्बर 2005 में विधानसभा में पारित किया गया था। शुरुआत में इस योजना को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (Narega) के नाम से बुलाया जाता था लेकिन वर्ष 2009 में इस योजना का नाम महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम कर दिया गया है। यह देश की एक ऐसी योजना है जो देश के आर्थिक रूप से कमजोर एवं गरीब परिवार के नागरिकों को रोजगार देने जा कार्य करती है। योजना के तहत मजदूरों को एक वर्ष में 125 दिन का कार्य दिया जाता है।

किस स्थिति में करें शिकायत

मनरेगा अधिनियम 2005 के तहत यदि किसी व्यक्ति द्वारा कार्य के लिए आवेदन किया गया था लेकिन इस योजना का उसे कोई भी काम करने को नहीं मिला है अथवा मजदूरी का पूरा पैसा नहीं मिला है अथवा मिलता नहीं है, तो इस स्थिति में आप राज्य से सम्बंधित अधिकारी को ऑनलाइन माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें?

मनरेगा से जुड़ी कोई भी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यान से पढ़ें।

  • इसके लिए आपको सबसे पहले भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय वेब अथवा इस आधिकारिक वेबसाइट http://www.nrega.nic.in पर क्लिक करना है।
  • क्लिक करने के बाद आप वेबसाइट के होम पेज में पहुंच जाएंगे, यहां पर आपको Complaint का सेक्शन दिखाई देगा उस पर क्लिक करें।
  • इसके बाद आपके अपने राज्य के नाम पर क्लिक करना है।
  • फिर आपको आवेदन फॉर्म नजर आएगा।
  • पहले आपको अपना पहचान पत्र सेलेक्ट करना है।
  • अब नरेगा में अनियमितता सम्बंधित जानकारी आपको जहां से प्राप्त हुई है, उसका स्रोत लिखें।
  • नीचे दिख रहे बॉक्स में आवश्यक जानकारी दर्ज करें तथा शिकायत जमा करें के ऑप्शन पर क्लिक कर दें।
  • इस प्रकार आपकी शिकायत आसानी से दर्ज हो जाती है।

शिकायत का स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आपने मनरेगा से जुड़ी कोई भी शिकायत की है और आप इसकी स्थिति को चेक करना चाहते हैं तो इसके लिए नीचे दी हुई प्रक्रिया का चरण दर चरण पालन करें।

  • मनरेगा से सम्बंधित शिकायत का स्टेटस चेक करने के लिए इस आधिकारिक वेबसाइट http://www.nrega.nic.in पर जाकर क्लिक करें।
  • होम पेज पर आपको शिकायत का सेक्शन दिखाई देगा उस पर क्लिक करें।
  • अब आपको My Complaint के ऑप्शन पर क्लिक करना है।
  • क्लिक करने के पश्चात आपको अपनी शिकायत की संख्या दर्ज करके सबमिट पर क्लिक करना है।
  • अब आपके सामने शिकायत की स्थिति खुलकर आ जाएगी, आप देख सकते हैं।

कौन कर सकते हैं शिकायत?

MGNREGA (मनरेगा) से जुड़ी कोई भी शिकायत, कामगार, मीडिया, नागरिक, एनजीओ एवं वीआईपी व्यक्ति करा सकते हैं।

इन परिस्थितियों में करें शिकायत दर्ज

आप नीचे बताई गई निम्न परिस्थितियों में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

भुगतान के लिए- यदि आपके द्वारा किए गए काम का भुगतान देरी में किया जाता है, आंशिक भुगतान होता है अथवा कोई भी भुगतान नहीं किया गया है।

पंजीकरण/जॉब कार्ड मामलों में- अगर ग्राम पंचायत जॉब कार्ड के लिए पंजीकरण नहीं करती है, ग्राम पंचायत जॉन कार्ड जारी नहीं करती अथवा जारी किए जॉब कार्ड मजदूरों को नहीं दिए जा रहें हैं।

काम की मांग- कार्य के मांग का पंजीकरण नहीं हुआ हो या फिर तिथि की रसीद जारी ना हुई हो।

कार्य प्रबंधन के लिए- कार्य सृजित नहीं होता, कार्य के लिए सुविधा नहीं होना।

अनुदान के सम्बन्ध में- अनुदान उपलब्ध नहीं किया गया, आंशिक अनुदान, अनुदान को ट्रांसफर नहीं किया गया अथवा बैंक द्वारा अनुदान ट्रांसफर करने पर शुल्क लिया जाता है।

मापन के सम्बन्ध में- समय पर मापन नहीं किया जाता, मापा के लिए सामग्री नहीं, गलत तरीके से मापा जाता है या फिर माप प्रक्रिया के लिए इंजीनियर नहीं आते हैं।

सामान के मामले में- सामान सही नहीं है, सामान समय पर उपलब्ध नहीं किया गया या फिर मूल्य में बढ़ोतरी हुई है।

काम का आवंटन- काम नहीं आ रहा है, काम 5 किलोमीटर के भीतर जारी नहीं है, समय पर काम नहीं होता तथा 5 किलोमीटर से अधिक दूरी पर कार्यस्थल के लिए टीए / डीए नहीं दिया जाता आदि।

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