नरेगा बाड़मेर जॉब कार्ड लिस्ट :G RAM G NREGA Job Card List Barmer 2026-27
नरेगा बाड़मेर जॉब कार्ड लिस्ट सर्च करे | NREGA Job Card List Barmer Download Online | नरेगा बाड़मेर जॉब कार्ड लिस्ट में अपना नाम कैसे देखें
राजस्थान का बाड़मेर जिला ज्यादातर ग्रामीण आबादी से घिरा हुआ है जहां पर बेहतर रोजगार तलाशने के लिए श्रमिक एवं कामगार शहरों की तरफ पलायन करने लगते हैं ऐसे में केंद्र सरकार के द्वारा संचालित नरेगा योजना के माध्यम से इन सभी लोगों को उनके ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार मुहैया कराने का कार्य राज्य सरकार के अधीन किया जाता है जिसके माध्यम से उन सभी लोगों का नाम NREGA योजना के तहत NREGA Job Card List Barmer 2026-27 में दर्ज की जाती है और जो भी नागरिक अपनी इस सूची के अंतर्गत नाम देखना चाहता है वह ऑनलाइन माध्यम से इस लेख के द्वारा बताई गई प्रक्रिया को Follow करके आसानी से देख सकता है।
NREGA Job Card List Barmer 2026-27
बेरोजगारी की समस्या यदि देखा जाए तो देश के समस्त राज्यों में देखने को मिलती है परंतु राजस्थान में अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण वहां पर रहने वाले श्रमिक एवं मजदूरों को काफी ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है ऐसे में व्यवस्थित रूप से कार्य न मिल पाने के कारण उन्हें शहरों की तरफ पलायन करने की आवश्यकता पड़ जाती है जिस कारण से भूखमरी का भी शिकार होना पड़ जाता है परंतु राज्य सरकार बाड़मेर जिले के अंतर्गत नरेगा योजना के द्वारा उन सभी लोगों को ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों में रोजगार प्रदान करती है और उन सबका नाम बाड़मेर नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट के अंतर्गत दर्ज करके उन्हें Job Card भी प्रदान करती है जिससे वह बेरोजगारी की समस्या से निजात पा सके।
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Key Highlights of NREGA Job Card List Barmer
| लेख | NREGA Job Card List Barmer 2026-27 |
| योजना का नाम | NREGA Yojana |
| राज्य | राजस्थान |
| जिला | बाड़मेर |
| मंत्रालय | ग्रामीण विकास मंत्रालय,भारत सरकार |
| लाभार्थी | राज्य के सभी असंगठित क्षेत्र के मजदूर एवं कामगार |
| एक्ट (अधिनियम) | MGNREGA Act 2005 |
नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट बाड़मेर जिले की ऑनलाइन चेक
बाड़मेर जिले का कोई भी श्रमिक या कामगार नरेगा योजना के माध्यम से Job Card प्राप्त कर चुका है और NREGA Job Card List Barmer जिले की सूची ऑनलाइन माध्यम से देखना चाहता है तो वह आसानी से इस लेख के द्वारा बताए गए तरीके को Follow करके आसानी से देख सकता है। ऐसे में उसके ग्राम पंचायत के अंतर्गत सभी ग्रामीण की सूचियां प्रदर्शित की जाएगी।
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फर्स्ट स्टेप: Nrega की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना
राजस्थान राज्य के यदि बाड़मेर जिले के जितने भी श्रमिक एवं मजदूर वर्गीय परिवार के लोगों को नरेगा योजना के तहत Job Card प्रदान किया गया है और वह ऑनलाइन माध्यम से NREGA Job Card List को देखना चाहता है तो उसके लिए उसे सबसे पहले NREGA योजना की Official Website पर Visit करना होगा।

सेकंड स्टेप: Generate Report-Job Card के Option पर Click
उस के बाद आपके सामने Website का Homepage खुल कर आएगा जहां पर आप को Generate Report -Job Card का Option खुल कर जिस पर आपको Click कर देना होगा।

थर्ड स्टेप:State Name में Rajasthan का चयन
अब आपके सामने New Page पर भारत के सभी राज्यों के नाम की सूची दर्शाई जाएगी जिसमें आपको Rajasthan राज्य का Selection कर लेना होगा।

फोर्थ स्टेप:District Barmer का चयन
Next Page पर आपके सामने एक Login Page खुल कर आएगा जिसमे आपको सभी जानकारी का चयन कर लेना होगा और सबसे महत्वपूर्ण District List में आपको Barmer का चयन कर लेना होगा और अंत में आपको Proceed के Option पर Click कर देना होगा।

फिफ्थ स्टेप:Job Card/Employment Register के Option पर Click
अब उसके बाद Nrega की जानकारी से संबंधित कई प्रकार के विकल्प प्रदर्शित किया जाएगा जिसमें से आपको Job Card / Employment Register के Option पर Click कर देना होगा।

सिक्स्थ स्टेप:Barmer Nrega Job Card List देखना
अब Next Page पर आपके ग्रामीण क्षेत्र के सभी श्रमिक और मजदूर वर्ग के लोगों की Job Card List खुल कर आजाएगी जिसमे आप अपना और अपने परिवार के सदस्यों के अलावा ग्राम पंचायत के अंतर्गत दर्ज सभी के नाम अपने नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट बाड़मेर में देख सकेंगे।

बाड़मेर नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट से संबंधित कुछ सवाल जवाब (FAQs)
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025
“अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न”
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025
Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar & Ajeevika Mission (Gramin)
FAQ G RAM G Nrega Rajasthan
नरेगा राजस्थान में अपना नाम कैसे दर्ज करें?
Mgnrega Rajasthan में ऊपर बताई गई प्रक्रिया के द्वारा आप अपना नाम ऑनलाइन जाकर दर्ज कर सकते हैं
नरेगा राजस्थान 2026-27 की पेमेंट लिस्ट कहां देख सकते हैं?
ऑफिस लिंक पर जाकर नरेगा राजस्थान 2026-27 के पेमेंट देख सकते हैं
नरेगा राजस्थान जॉब कार्ड लिस्ट कैसे डाउनलोड करें?
आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आप अपना राज्य ब्लॉक और ग्राम पंचायत सेलेक्ट करके अपनी जॉब कार्ड लिस्ट देख सकते हैं
Mgnrega Rajasthan Job Card List 2026-27 कहा देखे?
ऊपर बताई गयी परिक्रिया से
1. विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 क्या है?
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025, ग्रामीण रोजगार एवं विकास से संबंधित एक कानून है। इस कानून का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के अकुशल मजदूरी वाले रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान करके और उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा देकर ग्रामीण विकास को विकसित भारत @2047 की परिकल्पना के अनुरूप ढालना है।
2. विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम कब लागू होगा?
विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की गारंटीः वीबी-जी राम जी (विकसित भारत – जी राम जी) अधिनियम, 2025, केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने के बाद, 01/07/2026 से देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा।
3. महात्मा गांधी एनआरईजीए को कब निरस्त किया जाएगा?
केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने के बाद, महात्मा गांधी एनआरईजीए योजना 01/07/2026 से निरस्त हो जाएगी।
4. क्या विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम को सभी राज्यों में एक साथ लागू किया जाएगा?
जी हां। केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने के बाद, विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 01/07/2026 से पूरे देश में लागू होगा।
5. इस अधिनियम के तहत कितने दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है?
यह अधिनियम वैसे प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के वैतनिक रोजगार की गारंटी देता है, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं।
6. क्या राज्य सरकारों को इस अधिनियम के तहत योजनाएं बनाना अनिवार्य है?
जी हां। राज्य सरकारों को इस अधिनियम के लागू होने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप योजनाओं को अधिसूचित करना अनिवार्य है।
7. निरसन के बाद, महात्मा गांधी एनआरईजीए के तहत चल रहे कार्यों का क्या होगा?
महात्मा गांधी एनआरईजीए के अंतर्गत चल रहे कार्य, प्रारंभ होने की तिथि पर वीबी-जी राम जी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार जारी रह सकते हैं। इन कार्यों को सुचारू रूप से स्थानांतरित किया जाएगा और यह सुनिश्चित करते हुए इन्हें पूरा करने की प्राथमिकता दी जाएगी कि सार्वजनिक परिसंपत्तियां अधूरी न रह जाएं और सामुदायिक लाभ जारी रहें।
8. क्या विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम में परिवर्तन के दौरान महात्मा गांधी एनआरईजीए के तहत रोजगार जारी रहेगा?
जी हां। महात्मा गांधी एनआरईजीए के तहत रोजगार वीबी जी राम जी के प्रारंभ होने तक निर्बाध रूप से जारी रहेगा।
9. प्रारंभ होने से पहले निर्बाध रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु क्या कदम उठाए गए हैं?
उभरती मांग के पैटर्न और जमीनी आवश्यकताओं के अनुरूप राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों को पर्याप्त श्रम बजट उपलब्ध कराया गया है ताकि निर्बाध रोजगार के अवसर और समय पर मजදूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
10. क्या परिवर्तन की अवधि के दौरान नए कार्यों की शुरुआत की जा सकती है?
जी हां। जहां चल रहे कार्य रोजगार की मांग को पूरा करने की दृष्टि से अपर्याप्त होंगे, वहां विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम की अनुसूची-1 के अनुरूप कार्यों के संग्रह में से नए कार्य शुरू किए जा सकते हैं।
11. क्या नए अधिनियम के तहत श्रमिकों को रोजगार की गारंटी मिलती रहेगी?
जी हां। प्रत्येक ऐसा ग्रामीण परिवार जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, उन्हें वैधानिक रोजगार की गारंटी मिलती रहेगी। यह गारंटी प्रति वित्तीय वर्ष में 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
12. क्या मौजूदा जॉब कार्ड/कर्मचारी वैध रहेंगे?
जी हां। जिन मौजूदा एमजीएनआरईजीए जॉब कार्ड/श्रमिकों के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वे विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अनुसार नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक वैध बने रहेंगे।
13. इस अधिनियम के तहत कौन रोजगार पाने का पात्र है?
प्रत्येक ऐसा ग्रामीण परिवार जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, इस अधिनियम के तहत रोजगार पाने का पात्र होगा।
14. कोई परिवार ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड के लिए पंजीकरण कैसे कराएगा?
जिन ग्रामीण परिवारों के पास एमजीएनआरईजीए जॉब कार्ड नहीं है, वे अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य के जरिए संबंधित ग्राम पंचायत को परिवार के सदस्यों के नाम, आयु और पते की जानकारी जमा करके ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करवाने के लिए पंजीकरण हेतु आवेदन कर सकते हैं।
15. कोई परिवार कैसे रोजगार प्राप्त कर सकता है?
ग्रामीण क्षेत्रों के वयस्क सदस्य ग्राम पंचायत के जरिए रोजगार की मांग कर सकते हैं। आवेदन मौखिक रूप से, पूर्वोक्त प्रपत्र 6 के माध्यम से लिखित रूप में या डिजिटल माध्यमों से ग्राम पंचायत, कार्यक्रम अधिकारी या किसी भी अधिकृत व्यक्ति को किया जा सकता है।
16. कितने दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए?
आवेदन की तिथि से 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
17. यदि 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो क्या होगा?
ऐसे श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने का अधिकार होगा।
18. रोजगार उपलब्ध न कराए जाने की स्थिति में कितना बेरोजगारी भत्ता देय होगा?
यदि रोजगार की मांग के अनुसार निर्धारित अवधि के भीतर रोजगार प्रदान नहीं किया जाता है, तो राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष के पहले तीस दिनों के लिए अधिसूचित मजदूरी दर के एक-चौथाई से कम नहीं और शेष अवधि के लिए अधिसूचित मजदूरी दर के आधे से कम नहीं का बेरोजगारी भत्ता देय होगा।
19. क्या विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत बढ़ी हुई मजदूरी दरें दी जायेंगी?
जी हां। इस अधिनियम की धारा 10 के प्रावधानों के अनुसार बढ़ी हुई मजदूरी दरें प्रदान की जायेंगी। इस अधिनियम के तहत नई मजदूरी दरों की अधिसूचना जारी होने तक, महात्मा गांधी एनआरईजीए की मौजूदा मजदूरी दरें लागू रहेंगी।
20. मजदूरी का भुगतान कितने अंतराल पर किया जाएगा?
मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या किसी भी स्थिति में हाजिरी सूची के बंद होने के बाद दो सप्ताह के भीतर किया जाएगा।
21. मजदूरी का भुगतान कैसे किया जाता है?
श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान बैंकों या डाकघरों में उनके व्यक्तिगत खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से किया जाता है।
22. मजदूरी के भुगतान में देरी होने की स्थिति में क्या होगा?
यदि हाजिरी सूची के बंद होने के पंद्रह दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता है, तो मजदूरी चाहने वाले विलंब के लिए प्रति दिन बकाया मजदूरी के 0.05 प्रतिशत की दर से मुआवजे के हकदार होंगे।
23. नए अधिनियम के तहत उपस्थिति कैसे दर्ज की जाएगी?
कार्यस्थलों पर उपस्थिति चेहरे की पहचान पर आधारित एक प्रणाली के माध्यम से दर्ज की जाएगी। हालांकि, सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, खराब या अनुपलब्ध नेटवर्क कनेक्टिविटी, तकनीकी समस्याएं, उपकरण संबंधी समस्याएं या अन्य असाधारण परिस्थितियों जैसे वास्तविक मामलों में अपवाद प्रबंधन प्रणाली भी उपलब्ध होगी।
24. क्या श्रमिकों को कार्यस्थल पर सुविधाएं मिलेंगी?
जी हां। कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। कार्यस्थल पर सुरक्षित पेयजल, बच्चों के लिए छाया एवं विश्राम के लिए स्थान और प्राथमिक चिकित्सा पेटी अवश्य होनी चाहिए।
25. क्या कृषि के चरम मौसमों के दौरान काम जारी रह सकता है?
बुवाई और कटाई जैसे कृषि के चरम मौसमों के दौरान पर्याप्त श्रम की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु, राज्य सरकारें कृषि के चरम मौसमों को कवर करने वाली एक अवधि को अधिसूचित करेंगी। इस अवधि के दौरान इस अधिनियम के तहत कोई कार्य नहीं किया जाएगा।
26. यदि कार्य पांच किलोमीटर से अधिक दूर हो, तो क्या होगा?
जहां तक संभव हो, आवेदक के गांव से 5 किलोमीटर के दायरे में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यदि रोजगार इससे अधिक दूरी पर (लेकिन ब्लॉक के भीतर) उपलब्ध कराया जाता है, तो श्रमिकों को परिवहन और रहने-सहने के खर्चों के लिए मजदूरी दर का 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा।
27. जिला स्तर पर इस योजना का कार्यान्वयन कौन करेगा?
जिला कलेक्टर या राज्य सरकार द्वारा नामित समकक्ष अधिकारी जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) के रूप में कार्य करेगा।
28. कार्यक्रम अधिकारी के रूप में कौन कार्य करेगा?
ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम अधिकारी के रूप में ब्लॉक विकास अधिकारी से नीचे दर्जे के अधिकारी की नियुक्ति नहीं की जाएगी।
29. ग्राम पंचायतों की भूमिका क्या होगी?
इस योजना के कार्यान्वयन में ग्राम पंचायतों की केन्द्रीय भूमिका होगी, जिसमें परिवारों का पंजीकरण, रोजगार के लिए आवेदन प्राप्त करना, कार्यों का निष्पादन, योजना से संबंधित अभिलेखों का रखरखाव और विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं (वीजीपीपी) की तैयारी आदि शामिल हैं।
30. क्या ठेकेदारों को अनुमति दी जाएगी?
जी नहीं, इस अधिनियम के तहत वित्तपोषित कार्यों के निष्पादन हेतु ठेकेदारों को नियुक्त नहीं किया जा सकता है।
31. क्या भारी मशीनरी का उपयोग किया जा सकता है?
जी नहीं, सभी कार्य शारीरिक श्रम से किए जायेंगे और जहां तक संभव हो, श्रम को विस्थापित करने वाली मशीनों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
32. इस अधिनियम के तहत निधि के बंटवारे का स्वरूप क्या है?
निधि के बंटवारे का स्वरूप इस प्रकार है:
पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 का अनुपात,
विधायिका वाले अन्य राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए 60:40 का अनुपात,
विधायिका रहित केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए शत-प्रतिशत केन्द्रीय वित्त पोषण।
33. इस अधिनियम के तहत राज्यवार आवंटन कैसे निर्धारित किए जाते हैं?
राज्यवार मानक आवंटन का निर्धारण केन्द्र सरकार द्वारा इस अधिनियम के तहत निर्धारित वस्तुनिष्ठ मापदंडों के आधार पर किया जाना प्रस्तावित है।
34. सामग्री व्यय का कितना प्रतिशत स्वीकृत किया गया है?
इस अधिनियम के तहत सामग्री घटक पर होने वाला व्यय जिला स्तर पर 40 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।
35. कार्यस्थल पर पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाती है?
प्रत्येक कार्यस्थल पर एक “जनता बोर्ड” प्रदर्शित किया जाना चाहिए जिसमें कार्य का विवरण, अनुमानित श्रम दिवस, सामग्री की मात्रा और मदवार लागत दर्शाई गई हो।
36. जनता को इस योजना की प्रगति के बारे में कैसे सूचित किया जाता है?
प्रमुख मापदंडों, हाजिरी सूचियों, भुगतानों और स्वीकृतियों के डिजिटल और भौतिक प्रदर्शन सहित साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण प्रणाली का प्रावधान है। ग्राम पंचायतों को साप्ताहिक आधार पर प्रकटीकरण बैठकें भी आयोजित करनी होंगी।
37. विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) क्या है?
विकसित ग्राम पंचायत योजना समन्वय पर आधारित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार एक स्थानीय विकास योजना है, जिसे ग्राम पंचायतों द्वारा सहभागी एवं साक्ष्य-आधारित योजना के जरिए विकसित भारत @2047 के अनुरूप तैयार किया गया है।
38. वीजीपीपी क्यों महत्वपूर्ण है?
विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस अधिनियम के तहत सभी कार्य ग्राम पंचायत द्वारा तैयार और ग्राम सभा द्वारा सहभागी दृष्टिकोण के जरिए अनुमोदित वीजीपीपी से ही शुरू होने चाहिए ताकि आवश्यकता-आधारित, समन्वय-उन्मुख और संतृप्ति-केन्द्रित ग्रामीण विकास नियोजन सुनिश्चित हो सके।
39. इस अधिनियम के तहत किस प्रकार के कार्यों की अनुमति है?
यह अधिनियम सतत और सुदृढ़ ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चार प्रमुख विषयगत क्षेत्रों के अंतर्गत कार्यों के निष्पादन की अनुमति देता है:
जल सुरक्षा से संबंधित कार्य
ग्रामीण बुनियादी ढांचा
आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा
चरम मौसम से बचाव संबंधी कार्य
40. क्या अन्य योजनाओं के साथ समन्वय किया जा सकता है?
जी हां। यह अधिनियम केन्द्र, राज्य और स्थानीय योजनाओं के समन्वय के जरिए “एकल योजना, बहु-वित्तपोषण” दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।
41. क्या पीएमएवाई-जी के कार्यों को 90/95 व्यक्ति-दिवस मजदूरी सहायता के लिए लिया जा सकता है?
जी हां। लागू दिशानिर्देशों के अनुसार, आवास संबंधी पीएमएवाई-जी के कार्यों को इस अधिनियम के तहत 90/95 व्यक्ति-दिवस मजदूरी सहायता प्रदान करने के लिए लिया जा सकता है।
42. क्या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान छूट दी जाती है?
जी हां, प्राकृतिक आपदाओं या असाधारण परिस्थितियों के दौरान राज्य सरकार की सिफारिश पर केन्द्र सरकार नुमत कार्यों का विस्तार करने, वैतनिक रोजगार बढ़ाने और दस्तावेजीकरण संबंधी मानदंडों में ढील देने जैसी विशेष छूट दे सकती है।
बाड़मेर जिले के अंतर्गत कितने ब्लॉक को नरेगा योजना से जोड़ा गया है?
बाड़मेर जिला नरेगा योजना के माध्यम से लाभान्वित सूची में गिना जाता है जहां पर 21 ब्लॉक को इस योजना के तहत जोड़ा गया है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले की ग्रामीण आबादी वर्तमान समय में कितनी है?
राजस्थान के बाड़मेर जिले की ग्रामीण आबादी 2421914 है।
बाड़मेर जिले में नरेगा के तहत कितने ग्राम पंचायत को लाभान्वित किया जाता है?
बाड़मेर जिले में 11 उपखंड मुख्यालय, 15 तहसीलें, 3 उप तहसील, 17 पंचायत समितियां, 489 ग्राम पंचायत और 2808 राजस्व गांव है।
