जी राम जी में शिकायत कैसे करे- VB-G RAM G Online Complaint Registration

VB-G RAM G Online Complaint Registration | मनरेगा में ऑनलाइन शिकायत करे | नरेगा शिकायत नंबर | G RAM G Complaint Toll Free Number

भारत सरकार के द्वारा शुरू किए जी राम जी योजना के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के श्रमिक एवं मजदूर वर्ग के लोगों को रोजगार गारंटी प्रदान की जाती है जिससे उनको उनके ही ग्राम पंचायत क्षेत्र में कार मुहैया कराने का काम ग्राम रोजगार सेवक का होता है ऐसे में यदि जी राम जी योजना के अंतर्गत किसी प्रकार की कोई दिक्कत या समस्या उत्पन्न होती है जिससे श्रमिक एवं मजदूर को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है तो ऐसे में वह जी राम जी योजना के अंतर्गत शिकायत दर्ज करा सकता है जोकि वह ऑनलाइन माध्यम से आसानी से कर सकता है तो आज इसलिए हम आपको G RAM G Online Complaint Registration के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे।

VB-G RAM G Online Complaint Registration

यदि आप जी राम जी योजना के अंतर्गत अपनी शिकायत दर्ज कराना चाहते हैं तो उसके लिए आपको G RAM G की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपनी शिकायत को दर्ज कर सकते हैं या फिर नरेगा की Toll Free Number पर Call करके भी आप अपनी शिकायतों को संबंधित अधिकारियों से दर्ज करा सकते हैं ऐसे में सरकार ने Online Portal के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने का प्रावधान शुरू कर दिया है और ज्यादातर श्रमिक अपनी मनरेगा शिकायतों को दर्ज करने के लिए ऑनलाइन माध्यम का ही सहारा लेते हैं परंतु कुछ लोगों को इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी नहीं होती तो इसके बारे में आज हम विस्तार से बताने का प्रयास करेंगे।

जी राम जी में शिकायत कैसे करे- VB-G RAM G Online Complaint Registration

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Key Highlights of G RAM G Online Complaint Registration

लेखजी राम जी में शिकायत कैसे करे
योजनाNREGA योजना
शुरुवातफरवरी 2006
संचालनकेंद्र सरकार द्वारा
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार
लाभार्थीदेश के सभी बेरोजगार श्रमिक और कामगार
उद्देश्यऑनलाइन माध्यम से नरेगा की शिकायत हेतु जानकारी प्रदान करना

जी राम जी में ऑनलाइन शिकायत कैसे करे?

अधिकतर तौर पर VB-G RAM G का जो कार्य होता है वह गांव,कस्बे के बाहर ही किया जाता है ऐसे में जितने भी मजदूर एवं श्रमिक होते हैं उन्हें अपनी हाजिरी को लेकर काफी परेशानियां एवं शिकायतें होती हैं और इन सभी को दूर करने के लिए सरकार ने अधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से नरेगा के अंतर्गत शिकायतों को दर्ज कराकर उसका निवारण करने का व्यवस्थित उपाय निकाला है ऐसे में आप या तो नरेगा की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करके आसानी से अपनी शिकायत को दर्ज करा सकते हैं या फिर अपने राज्य के जिले की टोल फ्री नंबर पर भी शिकायत कर कर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।

जी राम जी के अंतर्गत किन किन शिकायतों को दर्ज करा सकते है?

  • जॉब कार्ड से संबंधित शिकायत
  • भुगतान संबंधित शिकायत
  • मापन से संबंधित शिकायत
  • कार्य संबंधित शिकायत
  • कार्य आवंटन हेतु शिकायत
  • कार्य प्रबंधन से संबंधित शिकायत
  • सामग्री से संबंधित शिकायत
  • बेरोजगारी एवम अनुदान संबंधित शिकायत

VB-G RAM G Complaint Registration Process से संबंधित जानकारी

पहला चरण: नरेगा की Official Website पर जाये

जी राम जी के अंतर्गत अपनी शिकायत को दर्ज कराने के लिए आपको सबसे पहले इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर Visit करना होगा।

Nrega Online Complaint Registration

दूसरा चरण: Public Grievance पर क्लिक करे

जिसके बाद आपके सामने Website का Homepage खोलकर आ जाएगा। जहां पर आपको Public Grievances का Section दिखाई देगा जिस पर आपको Click कर देना होगा।

Public Grievance

तीसरा चरण: State का चयन करे

उसके बाद आपके सामने भारत के सभी राज्यों की सूची को प्रदर्शित किया जाएगा जिसमें आपको अपने State का चयन कर लेना होगा। अब आपके सामने अगले पेज पर शिकायतों का प्रारूप चुनने उनके लिए कई सारे विकल्प आएंगे जिसमें आपको अपनी जो भी शिकायतें हैं उसे चुन लेना होगा।

State Select

चौथा चरण: जी राम जी में शिकायत को दर्ज करना

जिसके बाद आपके सामने एक शिकायत फॉर्म खोलकर आएगा जिसमें आपको अपनी Basic Details,Job Card Number, District,Block, Panchayat आदि के साथ ही साथ शब्दों में अपनी शिकायत को भी दर्ज करना होगा। और अंत में Captcha Code को दर्ज करके Save Complaint के Option पर Click कर देना होगा। इस प्रकार से आप आसानी से जी राम जी के अंतर्गत अपनी ऑनलाइन शिकायत को दर्ज कर सकेंगे।

NREGA योजना के अंतर्गत शिकायत करने हेतु Statewise (राज्यवार) Toll Free Number

राज्य/Stateसंबंधित अधिकारीफोन नं/Toll Free No
आंध्र प्रदेशShashi Bhushan Kumar040-23296790
असमSamiran Pathal9706403192
अरुणाचल प्रदेशSayneeb Das9436058433
बिहारAditya Kumar Das9431818391
छत्तीसगढ़Mazhar Khan9826180093
गुजरातYogiraj Shete8128677051
हरियाणाSudeep Wahi9876843638
हिमाचल प्रदेशSandeep Kumar9418175934
जम्मू कश्मीरR.K Badyal9419157934
झारखंडPankaj Kumar8986835553
कर्नाटकVK Mahesh9480850066
मध्य प्रदेशOwais Ahmad9425005575
महाराष्ट्रAbhay Tijare9860252451
मेघालयGoerge B9612170942
मिजोरमLalhmingthanfa Sailo9436197672
नागालैंडG Thong9436000417
ओडिसाDr Gitanjali Mishra9777956263
पंजाबVikas Cattal9814464009
राजस्थानArvind Saxena0141-5116614, 2227956
सिक्किमTulshi Nepal9434445295
तमिल नाडुG Muthumeenal044-24321486
तेलंगानाVenkatesh Verlu040-27650041
त्रिपुराA.Datta9436168464
उत्तर प्रदेशAmit Srivastava9454465001
उत्तराखंडA.K Rajput9412939946
पश्चिम बंगालRajarshi Roy8697748391

विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025

Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar & Ajeevika Mission (Gramin)

FAQ G RAM G Nrega INDIA

1. विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 क्या है?

विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025, ग्रामीण रोजगार एवं विकास से संबंधित एक कानून है। इस कानून का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के अकुशल मजदूरी वाले रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान करके और उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा देकर ग्रामीण विकास को विकसित भारत @2047 की परिकल्पना के अनुरूप ढालना है।

2. विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम कब लागू होगा?

विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की गारंटीः वीबी-जी राम जी (विकसित भारत – जी राम जी) अधिनियम, 2025, केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने के बाद, 01/07/2026 से देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा।

3. महात्मा गांधी एनआरईजीए को कब निरस्त किया जाएगा?

केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने के बाद, महात्मा गांधी एनआरईजीए योजना 01/07/2026 से निरस्त हो जाएगी।

4. क्या विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम को सभी राज्यों में एक साथ लागू किया जाएगा?

जी हां। केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने के बाद, विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 01/07/2026 से पूरे देश में लागू होगा।

5. इस अधिनियम के तहत कितने दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है?

यह अधिनियम वैसे प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के वैतनिक रोजगार की गारंटी देता है, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं।

6. क्या राज्य सरकारों को इस अधिनियम के तहत योजनाएं बनाना अनिवार्य है?

जी हां। राज्य सरकारों को इस अधिनियम के लागू होने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप योजनाओं को अधिसूचित करना अनिवार्य है।

7. निरसन के बाद, महात्मा गांधी एनआरईजीए के तहत चल रहे कार्यों का क्या होगा?

महात्मा गांधी एनआरईजीए के अंतर्गत चल रहे कार्य, प्रारंभ होने की तिथि पर वीबी-जी राम जी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार जारी रह सकते हैं। इन कार्यों को सुचारू रूप से स्थानांतरित किया जाएगा और यह सुनिश्चित करते हुए इन्हें पूरा करने की प्राथमिकता दी जाएगी कि सार्वजनिक परिसंपत्तियां अधूरी न रह जाएं और सामुदायिक लाभ जारी रहें।

8. क्या विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम में परिवर्तन के दौरान महात्मा गांधी एनआरईजीए के तहत रोजगार जारी रहेगा?

जी हां। महात्मा गांधी एनआरईजीए के तहत रोजगार वीबी जी राम जी के प्रारंभ होने तक निर्बाध रूप से जारी रहेगा।

9. प्रारंभ होने से पहले निर्बाध रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु क्या कदम उठाए गए हैं?

उभरती मांग के पैटर्न और जमीनी आवश्यकताओं के अनुरूप राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों को पर्याप्त श्रम बजट उपलब्ध कराया गया है ताकि निर्बाध रोजगार के अवसर और समय पर मजදूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।

10. क्या परिवर्तन की अवधि के दौरान नए कार्यों की शुरुआत की जा सकती है?

जी हां। जहां चल रहे कार्य रोजगार की मांग को पूरा करने की दृष्टि से अपर्याप्त होंगे, वहां विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम की अनुसूची-1 के अनुरूप कार्यों के संग्रह में से नए कार्य शुरू किए जा सकते हैं।

11. क्या नए अधिनियम के तहत श्रमिकों को रोजगार की गारंटी मिलती रहेगी?

जी हां। प्रत्येक ऐसा ग्रामीण परिवार जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, उन्हें वैधानिक रोजगार की गारंटी मिलती रहेगी। यह गारंटी प्रति वित्तीय वर्ष में 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।

12. क्या मौजूदा जॉब कार्ड/कर्मचारी वैध रहेंगे?

जी हां। जिन मौजूदा एमजीएनआरईजीए जॉब कार्ड/श्रमिकों के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वे विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अनुसार नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक वैध बने रहेंगे।

13. इस अधिनियम के तहत कौन रोजगार पाने का पात्र है?

प्रत्येक ऐसा ग्रामीण परिवार जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, इस अधिनियम के तहत रोजगार पाने का पात्र होगा।

14. कोई परिवार ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड के लिए पंजीकरण कैसे कराएगा?

जिन ग्रामीण परिवारों के पास एमजीएनआरईजीए जॉब कार्ड नहीं है, वे अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य के जरिए संबंधित ग्राम पंचायत को परिवार के सदस्यों के नाम, आयु और पते की जानकारी जमा करके ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करवाने के लिए पंजीकरण हेतु आवेदन कर सकते हैं।

15. कोई परिवार कैसे रोजगार प्राप्त कर सकता है?

ग्रामीण क्षेत्रों के वयस्क सदस्य ग्राम पंचायत के जरिए रोजगार की मांग कर सकते हैं। आवेदन मौखिक रूप से, पूर्वोक्त प्रपत्र 6 के माध्यम से लिखित रूप में या डिजिटल माध्यमों से ग्राम पंचायत, कार्यक्रम अधिकारी या किसी भी अधिकृत व्यक्ति को किया जा सकता है।

16. कितने दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए?

आवेदन की तिथि से 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

17. यदि 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो क्या होगा?

ऐसे श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने का अधिकार होगा।

18. रोजगार उपलब्ध न कराए जाने की स्थिति में कितना बेरोजगारी भत्ता देय होगा?

यदि रोजगार की मांग के अनुसार निर्धारित अवधि के भीतर रोजगार प्रदान नहीं किया जाता है, तो राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष के पहले तीस दिनों के लिए अधिसूचित मजदूरी दर के एक-चौथाई से कम नहीं और शेष अवधि के लिए अधिसूचित मजदूरी दर के आधे से कम नहीं का बेरोजगारी भत्ता देय होगा।

19. क्या विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत बढ़ी हुई मजदूरी दरें दी जायेंगी?

जी हां। इस अधिनियम की धारा 10 के प्रावधानों के अनुसार बढ़ी हुई मजदूरी दरें प्रदान की जायेंगी। इस अधिनियम के तहत नई मजदूरी दरों की अधिसूचना जारी होने तक, महात्मा गांधी एनआरईजीए की मौजूदा मजदूरी दरें लागू रहेंगी।

20. मजदूरी का भुगतान कितने अंतराल पर किया जाएगा?

मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या किसी भी स्थिति में हाजिरी सूची के बंद होने के बाद दो सप्ताह के भीतर किया जाएगा।

21. मजदूरी का भुगतान कैसे किया जाता है?

श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान बैंकों या डाकघरों में उनके व्यक्तिगत खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से किया जाता है।

22. मजदूरी के भुगतान में देरी होने की स्थिति में क्या होगा?

यदि हाजिरी सूची के बंद होने के पंद्रह दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता है, तो मजदूरी चाहने वाले विलंब के लिए प्रति दिन बकाया मजदूरी के 0.05 प्रतिशत की दर से मुआवजे के हकदार होंगे।

23. नए अधिनियम के तहत उपस्थिति कैसे दर्ज की जाएगी?

कार्यस्थलों पर उपस्थिति चेहरे की पहचान पर आधारित एक प्रणाली के माध्यम से दर्ज की जाएगी। हालांकि, सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, खराब या अनुपलब्ध नेटवर्क कनेक्टिविटी, तकनीकी समस्याएं, उपकरण संबंधी समस्याएं या अन्य असाधारण परिस्थितियों जैसे वास्तविक मामलों में अपवाद प्रबंधन प्रणाली भी उपलब्ध होगी।

24. क्या श्रमिकों को कार्यस्थल पर सुविधाएं मिलेंगी?

जी हां। कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। कार्यस्थल पर सुरक्षित पेयजल, बच्चों के लिए छाया एवं विश्राम के लिए स्थान और प्राथमिक चिकित्सा पेटी अवश्य होनी चाहिए।

25. क्या कृषि के चरम मौसमों के दौरान काम जारी रह सकता है?

बुवाई और कटाई जैसे कृषि के चरम मौसमों के दौरान पर्याप्त श्रम की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु, राज्य सरकारें कृषि के चरम मौसमों को कवर करने वाली एक अवधि को अधिसूचित करेंगी। इस अवधि के दौरान इस अधिनियम के तहत कोई कार्य नहीं किया जाएगा।

26. यदि कार्य पांच किलोमीटर से अधिक दूर हो, तो क्या होगा?

जहां तक संभव हो, आवेदक के गांव से 5 किलोमीटर के दायरे में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यदि रोजगार इससे अधिक दूरी पर (लेकिन ब्लॉक के भीतर) उपलब्ध कराया जाता है, तो श्रमिकों को परिवहन और रहने-सहने के खर्चों के लिए मजदूरी दर का 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा।

27. जिला स्तर पर इस योजना का कार्यान्वयन कौन करेगा?

जिला कलेक्टर या राज्य सरकार द्वारा नामित समकक्ष अधिकारी जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) के रूप में कार्य करेगा।

28. कार्यक्रम अधिकारी के रूप में कौन कार्य करेगा?

ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम अधिकारी के रूप में ब्लॉक विकास अधिकारी से नीचे दर्जे के अधिकारी की नियुक्ति नहीं की जाएगी।

29. ग्राम पंचायतों की भूमिका क्या होगी?

इस योजना के कार्यान्वयन में ग्राम पंचायतों की केन्द्रीय भूमिका होगी, जिसमें परिवारों का पंजीकरण, रोजगार के लिए आवेदन प्राप्त करना, कार्यों का निष्पादन, योजना से संबंधित अभिलेखों का रखरखाव और विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं (वीजीपीपी) की तैयारी आदि शामिल हैं।

30. क्या ठेकेदारों को अनुमति दी जाएगी?

जी नहीं, इस अधिनियम के तहत वित्तपोषित कार्यों के निष्पादन हेतु ठेकेदारों को नियुक्त नहीं किया जा सकता है।

31. क्या भारी मशीनरी का उपयोग किया जा सकता है?

जी नहीं, सभी कार्य शारीरिक श्रम से किए जायेंगे और जहां तक संभव हो, श्रम को विस्थापित करने वाली मशीनों का उपयोग नहीं किया जाएगा।

32. इस अधिनियम के तहत निधि के बंटवारे का स्वरूप क्या है?

निधि के बंटवारे का स्वरूप इस प्रकार है:
पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 का अनुपात,
विधायिका वाले अन्य राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए 60:40 का अनुपात,
विधायिका रहित केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए शत-प्रतिशत केन्द्रीय वित्त पोषण।

33. इस अधिनियम के तहत राज्यवार आवंटन कैसे निर्धारित किए जाते हैं?

राज्यवार मानक आवंटन का निर्धारण केन्द्र सरकार द्वारा इस अधिनियम के तहत निर्धारित वस्तुनिष्ठ मापदंडों के आधार पर किया जाना प्रस्तावित है।

34. सामग्री व्यय का कितना प्रतिशत स्वीकृत किया गया है?

इस अधिनियम के तहत सामग्री घटक पर होने वाला व्यय जिला स्तर पर 40 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।

35. कार्यस्थल पर पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाती है?

प्रत्येक कार्यस्थल पर एक “जनता बोर्ड” प्रदर्शित किया जाना चाहिए जिसमें कार्य का विवरण, अनुमानित श्रम दिवस, सामग्री की मात्रा और मदवार लागत दर्शाई गई हो।

36. जनता को इस योजना की प्रगति के बारे में कैसे सूचित किया जाता है?

प्रमुख मापदंडों, हाजिरी सूचियों, भुगतानों और स्वीकृतियों के डिजिटल और भौतिक प्रदर्शन सहित साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण प्रणाली का प्रावधान है। ग्राम पंचायतों को साप्ताहिक आधार पर प्रकटीकरण बैठकें भी आयोजित करनी होंगी।

37. विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) क्या है?

विकसित ग्राम पंचायत योजना समन्वय पर आधारित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार एक स्थानीय विकास योजना है, जिसे ग्राम पंचायतों द्वारा सहभागी एवं साक्ष्य-आधारित योजना के जरिए विकसित भारत @2047 के अनुरूप तैयार किया गया है।

38. वीजीपीपी क्यों महत्वपूर्ण है?

विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस अधिनियम के तहत सभी कार्य ग्राम पंचायत द्वारा तैयार और ग्राम सभा द्वारा सहभागी दृष्टिकोण के जरिए अनुमोदित वीजीपीपी से ही शुरू होने चाहिए ताकि आवश्यकता-आधारित, समन्वय-उन्मुख और संतृप्ति-केन्द्रित ग्रामीण विकास नियोजन सुनिश्चित हो सके।

39. इस अधिनियम के तहत किस प्रकार के कार्यों की अनुमति है?

यह अधिनियम सतत और सुदृढ़ ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चार प्रमुख विषयगत क्षेत्रों के अंतर्गत कार्यों के निष्पादन की अनुमति देता है:
जल सुरक्षा से संबंधित कार्य
ग्रामीण बुनियादी ढांचा
आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा
चरम मौसम से बचाव संबंधी कार्य

40. क्या अन्य योजनाओं के साथ समन्वय किया जा सकता है?

जी हां। यह अधिनियम केन्द्र, राज्य और स्थानीय योजनाओं के समन्वय के जरिए “एकल योजना, बहु-वित्तपोषण” दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।

41. क्या पीएमएवाई-जी के कार्यों को 90/95 व्यक्ति-दिवस मजदूरी सहायता के लिए लिया जा सकता है?

जी हां। लागू दिशानिर्देशों के अनुसार, आवास संबंधी पीएमएवाई-जी के कार्यों को इस अधिनियम के तहत 90/95 व्यक्ति-दिवस मजदूरी सहायता प्रदान करने के लिए लिया जा सकता है।

42. क्या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान छूट दी जाती है?

जी हां, प्राकृतिक आपदाओं या असाधारण परिस्थितियों के दौरान राज्य सरकार की सिफारिश पर केन्द्र सरकार नुमत कार्यों का विस्तार करने, वैतनिक रोजगार बढ़ाने और दस्तावेजीकरण संबंधी मानदंडों में ढील देने जैसी विशेष छूट दे सकती है।

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