pmvishwakarma.gov.in – PM Vishwakarma Yojana 2026 Complete Info

pmvishwakarma.gov.in – PM Vishwakarma Yojana 2026 Complete Info

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा (pmvishwakarma.gov.in) योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक नई पहल है, जो देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए एक वरदान साबित होगी। यह योजना 18 पारंपरिक पेशों से जुड़े कारीगरों को उनकी कला को निखारने, नए कौशल सीखने और अपने व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करेगी।

Vishwakarma

योजना के तहत, कारीगरों को “विश्वकर्मा” के रूप में मान्यता दी जाएगी और उन्हें प्रशिक्षण, उपकरण खरीदने के लिए वित्तीय सहायता और कम ब्याज पर ऋृण जैसे कई लाभ मिलेंगे। यह योजना न केवल कारीगरों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगी बल्कि भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को भी संरक्षित करेगी।

अगर आप एक कारीगर हैं और इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

साथ ही, कारीगरों और शिल्पकारों के कौशलों को निखारने के लिए उपयुक्त प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। उन्हें आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करना सिखाया जाएगा ताकि उनकी क्षमता और उत्पादकता बढ़े। इच्छुक लाभार्थियों को बिना किसी सिक्युरिटी के ऋृण और ब्याज छूट के साथ ऋृण भी मिलेगा।

इसके अलावा, डिजिटल सशक्तिकरण व नए अवसरों के लिए ब्रांड प्रचार, बाजार लिंकेज आदि के लिए एक मंच भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए उनके काम को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

Overview of pmvishwakarma gov in – PM VISHWAKARMA YOJANA

योजना का नामप्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana)
योजना शुरू होने की तारीख17 सितमबर 2023
योजना किसने शुरू कीप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi)
योजना शुरू करने का स्थाननई दिल्ली (New Delhi)
योजना के लाभार्थीपारंपरिक कारीगर और शिल्पकार
योजना के लाभमुफ़्त ट्रैनिंग, टूल किट के लिए राशि, लोन, सर्टिफिकेट, आदि
योजना की आधिकारिक वेबसाईटpmvishwakarma.gov.in

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना: लाभ उठाने के लिए क्या चाहिए? (योग्यता)

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (पीएम विश्वकर्मा/pmvishwakarma gov in) के प्रारंभिक चरण में, निम्नलिखित 18 परंपरागत पेशों से जुड़े कारीगरों/शिल्पकारों को इस योजना के लाभ के लिए चुना गया है। असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार के आधार पर हाथों और औजारों से काम करने वाले और इन 18 परिवार-आधारित पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक से जुड़े कोई भी कारीगर या शिल्पकार, पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकरण के लिए पात्र होगा।

आधारित पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक से जुड़ा होना चाहिए: बढ़ई, नाव निर्माता, कवच बनाने वाला, लोहार, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार/पत्थर तराशने वाला/पत्थर तोड़ने वाला, मोची/जूता बनाने वाला/फुटवियर कारीगर, राजमिस्त्री, टोकरी निर्माता/टोकरी वेवर/चटाई निर्माता/कॉयर बुनकर/झाड़ू निर्माता, गुड़िया और पारंपरिक खिलौना निर्माता, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने के जाल निर्माता।

आयु सीमा: पंजीकरण की तिथि पर लाभार्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।

परिवार संबंधी योग्यता: पंजीकरण की तिथि पर लाभार्थी को संबंधित व्यवसाय में लगा होना चाहिए और उसे केंद्र या राज्य सरकार की क्रेडिट-आधारित स्व-रोजगार/व्यवसाय विकास योजनाओं के तहत ऋृण नहीं लिया होना चाहिए। पिछले 5 वर्षों में उसे पीएमईजीपी, पीएम स्वनिधि या मुद्रा योजना से कोई लाभ नहीं मिला होना चाहिए। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकरण और लाभ केवल एक परिवार के एक सदस्य को ही मिल सकता है। इस योजना के लिए, ‘परिवार’ में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल होंगे।

सरकारी नौकरी नहीं होनी चाहिए: सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के तहत पात्र नहीं होंगे।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के प्रमुख लाभ

मान्यता

  • योजना के तहत लाभार्थियों को “विश्वकर्मा” के रूप में प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड प्रदान किया जाएगा।
  • यह उन्हें नौकरी के अवसरों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सहायता करेगा।

कौशल प्रशिक्षण

  • चयनित होने के बाद, लाभार्थियों को 5-7 दिनों (40 घंटे) का बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
  • इच्छुक उम्मीदवार 15 दिनों (120 घंटे) के उन्नत प्रशिक्षण के लिए भी नामांकन कर सकते हैं।
  • प्रशिक्षण अवधि के दौरान, उन्हें प्रतिदिन ₹500 का भत्ता दिया जाएगा।

टूलकिट के लिए अनुदान

  • प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, लाभार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹15,000 की टूलकिट अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।

ऋृण (लोन) सहायता: प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लाभ

प्रथम ऋृण:

  • लाभार्थियों को पहली बार बिना गारंटी के ₹1 लाख का उद्यम विकास ऋृण दिया जाएगा।
  • ऋृण चुकाने की अवधि 18 महीने होगी।
  • समय पर ऋृण चुकाने पर, लाभार्थी ₹2 लाख के दूसरे ऋृण के लिए पात्र होंगे।
  • दूसरे ऋृण की चुकाने की अवधि 30 महीने होगी।
  • ब्याज दर 5% होगी, जिसमें से 3% एमओएमएसएमई द्वारा चुकाई जाएगी।
  • ऋृण लेने की प्रक्रिया में क्रेडिट गारंटी शुल्क भारत सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन

  • डिजिटल माध्यम से लेनदेन करने पर प्रत्येक लेनदेन पर ₹1 (अधिकतम 100 लेनदेन तक) की 3 प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

बाजार सहायता

  • राष्ट्रीय विपणन समिति (एनसीएम) लाभार्थियों को निम्नलिखित सेवाएं प्रदान करेगी:
    • गुणवत्ता प्रमाणन (Quality Certification)
    • ब्रांडिंग और प्रचार (Branding & Promotion)
    • ई-कॉमर्स लिंकेज (E-commerce linkage)
    • व्यापार मेले विज्ञापन (Trade Fairs advertising)
    • प्रचार और अन्य विपणन गतिविधियां (Publicity and other marketing activities)

अतिरिक्त लाभ

  • योजना के तहत ऋृण सहायता और बाजार से जुड़ाव जैसी अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

यह योजना कारीगरों और उद्यमियों को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।

यह योजना कारीगरों और उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करके और उन्हें बाजार से जोड़ने में मदद करके उन्हें सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिए पंजीकरण कैसे करें?

चरण 1: CSC केंद्र पर जाएं

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकरण के लिए आपको अपने नजदीकी CSC केंद्र पर जाना होगा। CSC केंद्रों की सूची आप यहां पा सकते हैं।

चरण 2: मोबाइल और आधार वेरिफिकेशन

CSC केंद्र पर पहुंचने के बाद, आपको अपना मोबाइल नंबर और आधार कार्ड जमा करना होगा। CSC कर्मचारी आपके मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का सत्यापन करेगा।

चरण 3: कारीगर पंजीकरण फॉर्म

सत्यापन के बाद, आपको कारीगर पंजीकरण फॉर्म भरना होगा। फॉर्म में आपकी व्यक्तिगत जानकारी, शिक्षा योग्यता, कौशल और अनुभव आदि के बारे में जानकारी होगी।

चरण 4: पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र

सफल पंजीकरण के बाद, आपको एक पीएम विश्वकर्मा डिजिटल आईडी (Digital ID) और प्रमाणपत्र (Certificate) प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र आपको योजना के तहत विभिन्न लाभों के लिए आवेदन करने में सक्षम करेगा।

चरण 5: योजना लाभ के लिए आवेदन करें

अंतिम चरण में, आप योजना के तहत विभिन्न लाभों के लिए आवेदन करना शुरू कर सकते हैं। इन लाभों में शामिल हैं:

  • वित्तीय सहायता: ऋृण, अनुदान और स्टाइपेंड
  • कौशल प्रशिक्षण: विभिन्न कौशल में प्रशिक्षण कार्यक्रम
  • बाजार सहायता: उत्पादों के विपणन और बिक्री के लिए सहायता
  • अन्य सुविधाएं: बीमा योजना, आवास सहायता, आदि

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • जाति प्रमाण पत्र
  • कौशल प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • बैंक खाता विवरण

अधिक जानकारी के लिए:

  • प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की आधिकारिक वेबसाइट: https://pmvishwakarma.gov.in/
  • CSC हेल्पलाइन: 1800-180-1817

यह योजना कारीगरों और उद्यमियों को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना के लिए पंजीकरण करके, आप विभिन्न लाभों का लाभ उठा सकते हैं और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं।

Important Links to pmvishwakarma gov in

  • Official website of pmviswakarma gov in [**प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना आधिकारिक वेबसाईट **]: https://pmvishwakarma.gov.in

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1. प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना क्या है?

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य देश के कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाना है। यह योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है।
इस योजना के तहत, कारीगरों और शिल्पकारों को निम्नलिखित लाभ प्रदान किए जाते हैं:
सिक्योरिटी रहित लोन: कारीगर और शिल्पकार बिना किसी गारंटी के लोन प्राप्त कर सकते हैं।
कौशल प्रशिक्षण: उन्हें अपनी कला और दस्तकारी को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर दिया जाता है।
आधुनिक उपकरण: उन्हें बेहतर उपकरण और तकनीक प्रदान की जाती है ताकि वे अपनी उत्पादकता और दक्षता बढ़ा सकें।
डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन: उन्हें डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ताकि वे लेनदेन में पारदर्शिता और सुविधा ला सकें।
बाजार तक पहुंच: उन्हें अपनी कला और हस्तशिल्प का विपणन करने और बाजार तक पहुंचने में मदद प्रदान की जाती है।
यह योजना कारीगरों और शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनने और अपनी आजीविका में सुधार करने में मदद करती है। यह योजना भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
योजना के मुख्य लाभ:
रोजगार के अवसरों में वृद्धि
कारीगरों और शिल्पकारों की आय में वृद्धि
ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक विकास
भारतीय हस्तशिल्प का प्रचार-प्रसार
योजना के लिए पात्रता:
भारत का नागरिक होना चाहिए
कारीगर या शिल्पकार होना चाहिए
कम से कम 18 वर्ष की आयु होनी चाहिए
किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण प्रमाण पत्र होना चाहिए
आवेदन कैसे करें:
योजना के लिए आवेदन करने के लिए, कारीगरों और शिल्पकारों को अपने नजदीकी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास कार्यालय ( MSME-DI) से संपर्क करना चाहिए।
आवेदन पत्र MSME-DI की वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए:
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की वेबसाइट पर जाएं: https://msme.gov.in/
अपने नजदीकी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DI) से संपर्क करें।
यह योजना कारीगरों और शिल्पकारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना उन्हें अपनी कला और दस्तकारी के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने और समाज में योगदान करने में मदद करती है।

Q2. प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी कौन है?

18 व्यापारों में लगे कारीगर और शिल्पकार प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र हैं।
इन व्यवसायों में शामिल हैं:
बढ़ई (सुथार),नाव निर्माता,कवच बनाने वाला,लोहार (लोहार),हथौड़ा और टूल किट निर्माता,ताला बनाने वाला,सुनार,कुम्हार,मूर्तिकार/ पत्थर तराशने वाला/ पत्थर तोड़ने वाला,मोची (चर्मकार)/ जूता बनाने वाला/ फुटवियर,कारीगर,मेसन (राजमिस्त्री),टोकरी निर्माता/ टोकरी वेवर/ चटाई निर्माता/ कॉयर बुनकर/ झाड़ू निर्माता,गुड़िया और खिलौना निर्माता (पारंपरिक),नाई,माला निर्माता (मालाकार),धोबी,दर्जी,मछली पकड़ने का,जाल निर्माता
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह सूची पूरी तरह से व्यापक नहीं हो सकती है। योजना के तहत पात्र व्यवसायों की नवीनतम सूची के लिए, कृपया सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की आधिकारिक वेबसाइट या अपने नजदीकी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DI) से संपर्क करें।

Q3. प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के क्या लाभ हैं?

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना कारीगरों और शिल्पकारों को उनकी आजीविका में सुधार करने और अपनी कला और दस्तकारी को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए विभिन्न प्रकार के लाभ प्रदान करती है।
इन लाभों में शामिल हैं:
1. विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड:
कारीगरों और शिल्पकारों को एक आधिकारिक प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड प्रदान किया जाता है जो उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने और योजना के तहत लाभ प्राप्त करने में मदद करता है।
2. कौशल विकास:
उन्हें अपनी कला और दस्तकारी में कौशल विकसित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर दिया जाता है। इन कार्यक्रमों में उन्हें नई तकनीकों, डिजाइनों और बाजार की मांगों के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है।
3. टूलकिट प्रोत्साहन:
उन्हें बेहतर उपकरण और मशीनरी प्रदान की जाती है ताकि वे अपनी उत्पादकता और दक्षता बढ़ा सकें। यह उन्हें अधिक कुशलता से काम करने और बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादों का उत्पादन करने में मदद करता है।
4. लोन सहायता:
उन्हें बिना किसी गारंटी के लोन प्राप्त करने में मदद की जाती है। यह उन्हें अपने व्यवसायों को शुरू करने, उनका विस्तार करने या अपनी कार्यप्रणाली को अपग्रेड करने के लिए आवश्यक पूंजी प्राप्त करने में मदद करता है।
5. डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन:
उन्हें डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ताकि वे लेनदेन में पारदर्शिता और सुविधा ला सकें। उन्हें डिजिटल भुगतान प्रणालियों का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षण और सहायता भी प्रदान की जाती है।
6. मार्केटिंग समर्थन:
उन्हें अपनी कला और हस्तशिल्प का विपणन करने और बाजार तक पहुंचने में मदद प्रदान की जाती है। इसमें उन्हें मेलों, प्रदर्शनियों और अन्य आयोजनों में भाग लेने के लिए सहायता प्रदान करना, उनके उत्पादों के लिए ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफ़ॉर्म तक पहुंच प्रदान करना और उन्हें बाजार की मांगों के बारे में जानकारी प्रदान करना शामिल है।
यह योजना कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने और उन्हें अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Q4. प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिए पात्रता क्या है?

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना उन कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता प्रदान करती है जो हाथ से काम करते हैं और पारंपरिक, परिवार-आधारित व्यवसायों में लगे हुए हैं। योजना के तहत पंजीकरण के लिए, आवेदकों को निम्नलिखित पात्रता मापदंडों को पूरा करना होगा:
1. व्यवसाय:
आवेदक को हाथ से काम करने वाले और परिवार-आधारित पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक में लगे होना चाहिए।
पात्र व्यवसायों में शामिल हैं: बढ़ई, नाव निर्माता, कवच बनाने वाला, लोहार, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार/पत्थर तराशने वाला/पत्थर तोड़ने वाला, मोची (चर्मकार)/जूता बनाने वाला/फुटवियर कारीगर, मेसन (राजमिस्त्री), टोकरी निर्माता/टोकरी बुनकर/चटाई निर्माता/कॉयर बुनकर/झाड़ू निर्माता, गुड़िया और खिलौना निर्माता ( पारंपरिक), नाई, माला निर्माता (मालाकार), धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने का जाल निर्माता।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह सूची पूरी तरह से व्यापक नहीं हो सकती है। योजना के तहत पात्र व्यवसायों की नवीनतम सूची के लिए, कृपया सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की आधिकारिक वेबसाइट या अपने नजदीकी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DI) से संपर्क करें।
2. स्वरोजगार:
आवेदक को असंगठित क्षेत्र में स्वरोजगार के आधार पर जुड़ा होना चाहिए।
3. आयु:
पंजीकरण की तिथि पर लाभार्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
4. पिछले ऋृण:
लाभार्थी को पंजीकरण की तिथि पर संबंधित व्यापार में संलग्न होना चाहिए और स्व-रोज़गार/व्यवसाय विकास के लिए * *केंद्र सरकार या राज्य सरकार की समान क्रेडिट-आधारित योजनाओं के तहत ऋृण नहीं लेना चाहिए**।
पिछले 5 वर्षों में पीएमईजीपी, पीएम स्वनिधि, मुद्रा योजना मे से किसी योजना का लाभ न लिया हो।
5. परिवार:
योजना के तहत पंजीकरण और लाभ परिवार के एक सदस्य तक ही सीमित रहेगा।
योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए, एक ‘परिवार’ को पति, पत्नी और अविवाहित बच्चों के रूप में परिभाषित किया गया है।
6. सरकारी सेवा:
सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के तहत पात्र नहीं होंगे।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये केवल बुनियादी पात्रता मापदंड हैं। योजना के तहत आवेदन करने से पहले, सभी विस्तृत नियमों और शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
अधिक जानकारी के लिए:
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की वेबसाइट: https://msme.gov.in/
आपका नजदीकी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DI)
यह योजना कारीगरों और शिल्पकारों को उनके जीवन स्तरको बेहतर बनाने और देश की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को संरक्षित करने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।

Q5. प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लाभ कैसे प्राप्त करें?

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का लाभ उठाने के इच्छुक व्यक्ति www.pmvishwakarma.gov.in पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं।
योजना के तहत पंजीकरण के लिए, आवेदकों को निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
आधार कार्ड
पैन कार्ड
आय प्रमाण पत्र
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
व्यवसाय प्रमाण पत्र
पासपोर्ट आकार का फोटो
आवेदक योजना के तहत ऑनलाइन या ऑफलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
ऑनलाइन पंजीकरण के लिए, आवेदकों को योजना की वेबसाइट पर जाना होगा और ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म भरना होगा। फॉर्म भरने के बाद, आवेदकों को आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करना होगा और शुल्क का भुगतान करना होगा।
ऑफलाइन पंजीकरण के लिए, आवेदकों को अपने नजदीकी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DI) से संपर्क करना होगा और पंजीकरण फॉर्म प्राप्त करना होगा। फॉर्म भरने के बाद, आवेदकों को आवश्यक दस्तावेजों को संलग्न करना होगा और शुल्क का भुगतान करना होगा।
पंजीकरण के बाद, आवेदकों को योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता के लिए मूल्यांकन किया जाएगा। यदि आवेदक पात्र पाए जाते हैं, तो उन्हें योजना के तहत लाभ प्राप्त करना शुरू हो जाएगा।
योजना के तहत लाभों में शामिल हैं:
सिक्योरिटी रहित लोन
कौशल प्रशिक्षण
आधुनिक उपकरण
डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन
बाजार तक पहुंच
यह योजना कारीगरों और शिल्पकारों को उनकी आजीविका में सुधार करने और अपनी कला और दस्तकारी को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Q6. पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए, आवेदकों को पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के लिए, उन्हें निम्नलिखित दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से जमा करना होगा:
1. अनिवार्य दस्तावेज:
आधार कार्ड: यह पहचान और पते का प्रमाण है।
मोबाइल नंबर: यह योजना से संबंधित संचार के लिए उपयोग किया जाएगा।
बैंक विवरण: इसमें बैंक खाता संख्या, IFSC कोड और खाताधारक का नाम शामिल होना चाहिए।
राशन कार्ड: यह आय प्रमाण के रूप में कार्य करता है।
2. अतिरिक्त दस्तावेज:
पैन कार्ड: (यदि उपलब्ध हो)
जाति प्रमाण पत्र: (यदि SC/ST/OBC श्रेणी के लिए आवेदन कर रहे हैं)
व्यवसाय प्रमाण पत्र: (जैसे कि दुकान का लाइसेंस, उद्योग आधार पंजीकरण)
कौशल प्रमाण पत्र: (यदि उपलब्ध हो)
पासपोर्ट आकार का फोटो:
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह केवल एक सामान्य दिशानिर्देश है। MoMSME द्वारा निर्धारित आवश्यकताओं के अनुसार, लाभार्थियों को अतिरिक्त दस्तावेज या जानकारी प्रदान करने की आवश्यकता हो सकती है।
सटीक जानकारी के लिए, कृपया पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर जाएं या अपने नजदीकी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास कार्यालय ( MSME-DI) से संपर्क करें।
योजना के तहत लाभ:
सिक्योरिटी रहित लोन: कारीगर और शिल्पकार बिना किसी गारंटी के लोन प्राप्त कर सकते हैं।
कौशल प्रशिक्षण: उन्हें अपनी कला और दस्तकारी को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर दिया जाता है।
आधुनिक उपकरण: उन्हें बेहतर उपकरण और तकनीक प्रदान की जाती है ताकि वे अपनी उत्पादकता और दक्षता बढ़ा सकें।
डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन: उन्हें डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ताकि वे लेनदेन में पारदर्शिता और सुविधा ला सकें।
बाजार तक पहुंच: उन्हें अपनी कला और हस्तशिल्प का विपणन करने और बाजार तक पहुंचने में मदद प्रदान की जाती है।
यह योजना कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने और उन्हें अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को संरक्षित करने और बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Q7. प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लोन कहाँ से ले सकते हैं?

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत ऋृण प्राप्त करने के लिए, कारीगर और शिल्पकार निम्नलिखित वित्तीय संस्थानों से संपर्क कर सकते हैं:
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (एससीबी): यह भारत में ऋृण प्रदान करने वाले सबसे बड़े और सबसे स्थापित बैंकों का समूह है। एससीबी में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक आदि शामिल हैं।
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी): ये बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को वित्तीय सेवाएं प्रदान करने पर केंद्रित हैं। वे आमतौर पर एससीबी की तुलना में कम ब्याज दरों पर ऋृण प्रदान करते हैं।
लघु वित्त बैंक (एसएफबी): ये बैंक छोटे उद्यमियों और कम आय वाले लोगों को ऋृण प्रदान करने में विशेषज्ञता रखते हैं।
सहकारी बैंक: ये बैंक अपने सदस्यों को वित्तीय सेवाएं प्रदान करते हैं। वे सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी): ये बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियां हैं जो बैंक नहीं हैं। वे विभिन्न प्रकार के ऋृण उत्पादों की पेशकश करते हैं, जिनमें प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत ऋृण भी शामिल है।
सूक्ष्म वित्त संस्थान (एमएफआई): ये संस्थाएं गरीब और वंचित समुदायों के लोगों को ऋृण प्रदान करती हैं। वे अक्सर लचीली ऋृण शर्तें और व्यापक ग्राहक सहायता प्रदान करते हैं।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सभी वित्तीय संस्थान प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत ऋृण प्रदान नहीं करते हैं। ऋृण प्राप्त करने के लिए, कारीगरों और शिल्पकारों को योजना के तहत पात्र ऋृणदाताओं की सूची के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की वेबसाइट या अपने नजदीकी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DI) से संपर्क करना चाहिए।
यहां कुछ अतिरिक्त सुझाव दिए गए हैं जो आपको ऋृण प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं:
अपनी क्रेडिट इतिहास की जांच करें: ऋृण आवेदन करते समय, ऋृणदाता आपके क्रेडिट इतिहास की जांच करेंगे। यदि आपके पास अच्छा क्रेडिट इतिहास है, तो आपको कम ब्याज दर पर ऋृण प्राप्त करने की अधिक संभावना होगी।
अपनी व्यावसायिक योजना तैयार करें: ऋृणदाता आपसे एक व्यावसायिक योजना प्रस्तुत करने के लिए कह सकते हैं। यह योजना आपके व्यवसाय के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करनी चाहिए, जिसमें आपके उत्पादों या सेवाओं, आपके लक्षित बाजार और आपके वित्तीय अनुमान शामिल हैं।
सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करें: ऋृण आवेदन करते समय, आपको सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे, जैसे कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, व्यवसाय प्रमाण पत्र आदि।
विभिन्न ऋृणदाताओं से तुलना करें: ऋृण आवेदन करने से पहले, विभिन्न ऋृणदाताओं द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों, ऋृण शर्तों और अन्य सुविधाओं की तुलना करें।
सहायता के लिए पूछें: यदि आपको ऋृण प्राप्त करने में कोई कठिनाई हो रही है, तो आप सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DI) या किसी गैर-सरकारी संगठन (NGO) से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

Q8. प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत प्रारंभिक लोन की राशि क्या है?

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत, कारीगरों और शिल्पकारों को दो प्रकार के ऋृण प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया जाता है:
1. उद्यम विकास ऋृण:
यह योजना के तहत प्रारंभिक ऋृण है।
ऋृण की राशि एक लाख रुपये तक है।
ऋृण की अवधि 18 महीने है।
2. कार्यशील पूंजी ऋृण:
यह ऋृण कारीगरों और शिल्पकारों को अपनी कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करने के लिए प्रदान किया जाता है।
ऋृण की राशि दो लाख रुपये तक है।
ऋृण की अवधि 5 वर्ष है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये केवल अधिकतम ऋृण राशियां हैं। ऋृण की वास्तविक राशि ऋृणदाता द्वारा ऋृण आवेदक की पात्रता और ऋृण उद्देश्य के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
यहां कुछ अन्य बातें हैं जिनका ध्यान रखना चाहिए:
ऋृण बिना गारंटी के प्रदान किए जाते हैं।
ऋृण पर लाभकारी ब्याज दर लागू होती है।
ऋृण आसान किश्तों में चुकाना होगा।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना कारीगरों और शिल्पकारों को उनकी आजीविका में सुधार करने और अपनी कला और दस्तकारी को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत ऋृण प्राप्त करने के लिए, कारीगर और शिल्पकार पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं या अपने नजदीकी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DI) से संपर्क कर सकते हैं।
योजना के लाभों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप पिछले उत्तरों में दी गई जानकारी का संदर्भ ले सकते हैं।

Q9. मैंने पीएम विश्वकर्मा के तहत लोन की पहली किश्त पहले ही प्राप्त कर ली है। मैं लोन की दूसरी किश्त के लिए कब योग्य होऊंगा?

दूसरी ऋृण किश्त, जो कि ₹2 लाख तक की राशि हो सकती है, केवल उन कुशल लाभार्थियों को ही उपलब्ध होगी जो निम्नलिखित दो में से एक शर्त को पूरा करते हैं:
1. डिजिटल लेनदेन अपनाना:
यदि आपने अपने व्यवसाय में डिजिटल भुगतान और लेनदेन को अपनाया है, तो आप दूसरी ऋृण किश्त के लिए पात्र हो सकते हैं।
इसका मतलब है कि आपको कैश के बजाय डिजिटल माध्यमों जैसे कि **UPI, ** डेबिट/क्रेडिट कार्ड, या बैंक हस्तांतरण का उपयोग करके भुगतान और लेनदेन करना होगा।
2. उन्नत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करना:
यदि आपने सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया है और उन्नत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त किया है, तो आप दूसरी ऋृण किश्त के लिए पात्र हो सकते हैं।
यह प्रशिक्षण आपको अपनी कला, शिल्प और व्यवसायिक कौशल को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि:
दोनों शर्तें परस्पर अनन्य नहीं हैं। आप दोनों शर्तों को पूरा करके दूसरी ऋृण किश्त के लिए अपनी पात्रता को और मजबूत कर सकते हैं।
दूसरी ऋृण किश्त प्राप्त करने के लिए, आपको आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे और पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा।
विवरणों और आवेदन प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर जा सकते हैं या अपने नजदीकी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DI) से संपर्क कर सकते हैं।
यह योजना कारीगरों और शिल्पकारों को अपनी आजीविका में सुधार करने और अपनी कला और दस्तकारी को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।

Q10. प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में ब्याज छूट की दर और राशि क्या है?

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत ऋृण पर लाभार्थियों को ब्याज छूट प्रदान की जाती है।
ब्याज छूट की दो श्रेणियां हैं:
1. रियायती ब्याज दर:
सरकार ने ऋृण पर लाभार्थियों के लिए रियायती ब्याज दर 5% निर्धारित की है।
इसका मतलब है कि आपको बैंक द्वारा निर्धारित मानक ब्याज दर की तुलना में कम ब्याज देना होगा।
2. ब्याज उपदान:
भारत सरकार ऋृण पर ब्याज का एक हिस्सा सीधे बैंकों को भुगतान करती है।
इसे ब्याज उपदान के रूप में जाना जाता है।
यह उपदान ऋृण पर आपके द्वारा भुगतान किए जाने वाले कुल ब्याज को कम करता है।
उदाहरण के लिए:
मान लीजिए कि आपने ₹1 लाख का ऋृण लिया है और बैंक द्वारा निर्धारित मानक ब्याज दर 10% है।
बिना किसी ब्याज छूट के, आपको ₹10,000 का वार्षिक ब्याज देना होगा।
लेकिन5% की रियायती ब्याज दर के साथ, आपको वार्षिक ब्याज में केवल ₹5,000 का भुगतान करना होगा।
इसके अतिरिक्त, यदि सरकार 3% का ब्याज उपदान भी प्रदान करती है, तो आपको वार्षिक ब्याज में केवल * *₹2,000** का भुगतान करना होगा।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि:
ब्याज छूट की सटीक दर बैंक और ऋृण की राशि के आधार पर भिन्न हो सकती है।
नवीनतम जानकारी के लिए, आपको पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर जाना चाहिए या अपने नजदीकी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास कार्यालय (MSME-DI) से संपर्क करना चाहिए।
यह योजना कारीगरों और शिल्पकारों को अपनी आजीविकामें सुधार करने और अपनी कला और दस्तकारी को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।

Q11. प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिदिन कितने रुपए मिलेंगे?

प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिदिन ₹500 प्रदान किए जाएंगे।

Q12. क्या मैं कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिए बिना टूलकिट राशि प्राप्त कर सकता हूँ?

उत्तर: नहीं, ₹15 हजार तक की टूलकिट राशि केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वाले लाभार्थियों को * *प्रशिक्षण की शुरुआत** में कौशल सत्यापन के बाद प्रदान की जाएगी।

Q13. पीएम विश्वकर्मा योजना के लिए एक परिवार के कितने सदस्य आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर: पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत एक परिवार से केवल एक ही सदस्य आवेदन कर सकता है।

Q14. पी.एम.विश्वकर्मा योजना में परिवार की परिभाषा क्या है?

पी.एम.विश्वकर्मा योजना में परिवार को पति, पत्नी और उनके अविवाहित बच्चों (न्यूनतम 18 वर्ष की आयु) के रूप में परिभाषित किया गया है।


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