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G RAM G Mgnrega Rajasthan Job Card List 2026-27 – नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट राजस्थान

Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar & Ajeevika Mission (Gramin)

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Mgnrega Rajasthan Job Card List 2026-27 – नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट राजस्थान

G RAM G महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 मैं तत्कालीन सरकार के दौरान प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह द्वारा शुरू किया गया था| इस योजना का मुख्य उद्देश्य और देहात में को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन का गारंटी रोजगार उपलब्ध करवाना है | इस योजना के माध्यम से सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गृह परिवारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना है|

जिन लोगों ने योजना के अंतर्गत यह अपने परिवार के किसी सदस्य का रजिस्ट्रेशन करवाया है वह ऑनलाइन अपना जॉब कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं या देख सकते हैं|

लेखMgnrega Rajasthan Job Card List 2026-27
योजनानरेगा जॉब कार्ड लिस्ट 2026-27
किसके द्वारा शुरू की गई राजस्थान सरकार द्वारा 
लाभार्थी ग्रामीण जॉब कार्ड धारक नागरिक 
उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना 
प्रक्रियाऑनलाइन 
वेबसाइट https://nrega.raj.nic.in 

भारत के सभी राज्यों ने के अंतर्गत अपने राज्य के नागरिकों के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करवाई हैं | को राजस्थान राज्य के नरेगा जॉब कार्ड के बारे में बताएंगे|

राज्य के नागरिक हैं तो आप घर बैठे ऑनलाइन अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर मनरेगा जॉब कार्ड लिस्ट में अपना नाम देख सकते हैं और उसको डाउनलोड भी कर सकते हैं| कर समय समय पर मनरेगा जॉब कार्ड की लिस्ट को अपडेट करती रहती है और नई जॉब कार्ड लिस्ट जारी करती रहती है| अगर आपको भी राजस्थान मनरेगा जॉब कार्ड लिस्ट में अपना नाम देखना है तो इस लेख को पूरा पढ़ें|

Mgnrega Rajasthan Job Card List 2026-27 Check Online

नरेगा जॉब कार्ड लिस्ट राजस्थान देखने के लिए आपको निम्नलिखित स्टेप को फॉलो करना होगा|

  • सबसे पहले आपको मनरेगा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा
Mgnrega Rajasthan Job Card List 2026-27
  • उसके बाद आपको जनरेट रिपोर्ट के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा
  • उसके बाद आपके सामने सभी राज्यों के नाम स्क्रीन पर आ जाएंगे
  • आपको राजस्थान राज्य पर क्लिक करना होगा
  • उसके बाद आपको Financial Year, District, Block, Panchayat आज का चुनाव करना होगा
  • उसके बाद प्रोसीड ऑप्शन पर क्लिक करना होगा
  • उसके बाद आपके सामने राजस्थान जॉब कार्ड लिस्ट प्रदर्शित हो जाएगी
Mgnrega Rajasthan Job Card List
  • जॉब कार्ड लिस्ट में आप अपने नाम या कार्ड नंबर की सहायता से अपना कार्ड डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं

इस तरीके से आप ऑनलाइन जाकर घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर की सहायता से मनरेगा जॉब कार्ड लिस्ट राजस्थान 2026-27 ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं |

Nrega Job Card List Rajasthan आवश्यक दस्तावेज

अगर आप राजस्थान राज्य के सफाई निवासी हैं और आप अपना मनरेगा जॉब कार्ड बनवाना चाहते हैं तो आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है

  • राशन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • बैंक खाता
  • फोटोग्राफ
  • आयु प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र

इन दस्तावेजों की सहायता से आप ऑनलाइन की सहायता से जॉब कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं

नरेगा लिस्ट राजस्थान ऑनलाइन पंजीकरण 

नरेगा राजस्थान ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए आपको निम्नलिखित स्टेप को फॉलो करना होगा

  • सबसे पहले आपको राजस्थान नरेगा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा
  • उसके बाद डाटा एंट्री क्षेत्र पर क्लिक करना होगा
  • उसके बाद अपने राज्य का चुनाव करना होगा
  • उसके बाद जानकारी को सही सही दर्ज करना होगा
  • पासवर्ड का कैप्चा भर के सबमिट करना होगा
  • उसके बाद जॉब कार्ड रजिस्ट्रेशन विकल्प पर क्लिक करना होगा
  • सभी जानकारियां फाइल करने के बाद और फोटो अपलोड करने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा

उसके बाद आपको एक रेफरेंस नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर दे दिया जाएगा जिसकी सहायता से आप अपने जॉब कार्ड का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं

MGNREGA Gram Panchayat List Check online 

राजस्थान जॉब कार्ड लिस्ट

NREGA Job Card list AJMERNREGA Job Card list DAUSANREGA Job Card list KOTA
NREGA Job Card list ALWARNREGA Job Card list DHOLPURNREGA Job Card list NAGAUR
NREGA Job Card list BANSWARANREGA Job Card list DUNGARPURNREGA Job Card list PALI
NREGA Job Card list BARANNREGA Job Card list HANUMANGARHNREGA Job Card list PRATAPGARH
NREGA Job Card list BARMERNREGA Job Card list JAIPURNREGA Job Card list RAJSAMAND
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NREGA Job Card list BHILWARANREGA Job Card list JALORENREGA Job Card list SIKAR
NREGA Job Card list BIKANERNREGA Job Card list JHALAWARNREGA Job Card list SIROHI
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विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025

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FAQ G RAM G Nrega Rajasthan

नरेगा राजस्थान में अपना नाम कैसे दर्ज करें?

Mgnrega Rajasthan में ऊपर बताई गई प्रक्रिया के द्वारा आप अपना नाम ऑनलाइन जाकर दर्ज कर सकते हैं

नरेगा राजस्थान 2026-27 की पेमेंट लिस्ट कहां देख सकते हैं?

ऑफिस लिंक पर जाकर नरेगा राजस्थान 2026-27 के पेमेंट देख सकते हैं

नरेगा राजस्थान जॉब कार्ड लिस्ट कैसे डाउनलोड करें?

आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आप अपना राज्य ब्लॉक और ग्राम पंचायत सेलेक्ट करके अपनी जॉब कार्ड लिस्ट देख सकते हैं

Mgnrega Rajasthan Job Card List 2026-27 कहा देखे?

ऊपर बताई गयी परिक्रिया से

1. विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 क्या है?

विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025, ग्रामीण रोजगार एवं विकास से संबंधित एक कानून है। इस कानून का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के अकुशल मजदूरी वाले रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान करके और उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा देकर ग्रामीण विकास को विकसित भारत @2047 की परिकल्पना के अनुरूप ढालना है।

2. विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम कब लागू होगा?

विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की गारंटीः वीबी-जी राम जी (विकसित भारत – जी राम जी) अधिनियम, 2025, केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने के बाद, 01/07/2026 से देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा।

3. महात्मा गांधी एनआरईजीए को कब निरस्त किया जाएगा?

केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने के बाद, महात्मा गांधी एनआरईजीए योजना 01/07/2026 से निरस्त हो जाएगी।

4. क्या विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम को सभी राज्यों में एक साथ लागू किया जाएगा?

जी हां। केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने के बाद, विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 01/07/2026 से पूरे देश में लागू होगा।

5. इस अधिनियम के तहत कितने दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है?

यह अधिनियम वैसे प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के वैतनिक रोजगार की गारंटी देता है, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं।

6. क्या राज्य सरकारों को इस अधिनियम के तहत योजनाएं बनाना अनिवार्य है?

जी हां। राज्य सरकारों को इस अधिनियम के लागू होने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप योजनाओं को अधिसूचित करना अनिवार्य है।

7. निरसन के बाद, महात्मा गांधी एनआरईजीए के तहत चल रहे कार्यों का क्या होगा?

महात्मा गांधी एनआरईजीए के अंतर्गत चल रहे कार्य, प्रारंभ होने की तिथि पर वीबी-जी राम जी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार जारी रह सकते हैं। इन कार्यों को सुचारू रूप से स्थानांतरित किया जाएगा और यह सुनिश्चित करते हुए इन्हें पूरा करने की प्राथमिकता दी जाएगी कि सार्वजनिक परिसंपत्तियां अधूरी न रह जाएं और सामुदायिक लाभ जारी रहें।

8. क्या विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम में परिवर्तन के दौरान महात्मा गांधी एनआरईजीए के तहत रोजगार जारी रहेगा?

जी हां। महात्मा गांधी एनआरईजीए के तहत रोजगार वीबी जी राम जी के प्रारंभ होने तक निर्बाध रूप से जारी रहेगा।

9. प्रारंभ होने से पहले निर्बाध रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु क्या कदम उठाए गए हैं?

उभरती मांग के पैटर्न और जमीनी आवश्यकताओं के अनुरूप राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों को पर्याप्त श्रम बजट उपलब्ध कराया गया है ताकि निर्बाध रोजगार के अवसर और समय पर मजදूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।

10. क्या परिवर्तन की अवधि के दौरान नए कार्यों की शुरुआत की जा सकती है?

जी हां। जहां चल रहे कार्य रोजगार की मांग को पूरा करने की दृष्टि से अपर्याप्त होंगे, वहां विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम की अनुसूची-1 के अनुरूप कार्यों के संग्रह में से नए कार्य शुरू किए जा सकते हैं।

11. क्या नए अधिनियम के तहत श्रमिकों को रोजगार की गारंटी मिलती रहेगी?

जी हां। प्रत्येक ऐसा ग्रामीण परिवार जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, उन्हें वैधानिक रोजगार की गारंटी मिलती रहेगी। यह गारंटी प्रति वित्तीय वर्ष में 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।

12. क्या मौजूदा जॉब कार्ड/कर्मचारी वैध रहेंगे?

जी हां। जिन मौजूदा एमजीएनआरईजीए जॉब कार्ड/श्रमिकों के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वे विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अनुसार नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक वैध बने रहेंगे।

13. इस अधिनियम के तहत कौन रोजगार पाने का पात्र है?

प्रत्येक ऐसा ग्रामीण परिवार जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं, इस अधिनियम के तहत रोजगार पाने का पात्र होगा।

14. कोई परिवार ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड के लिए पंजीकरण कैसे कराएगा?

जिन ग्रामीण परिवारों के पास एमजीएनआरईजीए जॉब कार्ड नहीं है, वे अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य के जरिए संबंधित ग्राम पंचायत को परिवार के सदस्यों के नाम, आयु और पते की जानकारी जमा करके ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करवाने के लिए पंजीकरण हेतु आवेदन कर सकते हैं।

15. कोई परिवार कैसे रोजगार प्राप्त कर सकता है?

ग्रामीण क्षेत्रों के वयस्क सदस्य ग्राम पंचायत के जरिए रोजगार की मांग कर सकते हैं। आवेदन मौखिक रूप से, पूर्वोक्त प्रपत्र 6 के माध्यम से लिखित रूप में या डिजिटल माध्यमों से ग्राम पंचायत, कार्यक्रम अधिकारी या किसी भी अधिकृत व्यक्ति को किया जा सकता है।

16. कितने दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए?

आवेदन की तिथि से 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

17. यदि 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो क्या होगा?

ऐसे श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने का अधिकार होगा।

18. रोजगार उपलब्ध न कराए जाने की स्थिति में कितना बेरोजगारी भत्ता देय होगा?

यदि रोजगार की मांग के अनुसार निर्धारित अवधि के भीतर रोजगार प्रदान नहीं किया जाता है, तो राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष के पहले तीस दिनों के लिए अधिसूचित मजदूरी दर के एक-चौथाई से कम नहीं और शेष अवधि के लिए अधिसूचित मजदूरी दर के आधे से कम नहीं का बेरोजगारी भत्ता देय होगा।

19. क्या विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत बढ़ी हुई मजदूरी दरें दी जायेंगी?

जी हां। इस अधिनियम की धारा 10 के प्रावधानों के अनुसार बढ़ी हुई मजदूरी दरें प्रदान की जायेंगी। इस अधिनियम के तहत नई मजदूरी दरों की अधिसूचना जारी होने तक, महात्मा गांधी एनआरईजीए की मौजूदा मजदूरी दरें लागू रहेंगी।

20. मजदूरी का भुगतान कितने अंतराल पर किया जाएगा?

मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या किसी भी स्थिति में हाजिरी सूची के बंद होने के बाद दो सप्ताह के भीतर किया जाएगा।

21. मजदूरी का भुगतान कैसे किया जाता है?

श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान बैंकों या डाकघरों में उनके व्यक्तिगत खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से किया जाता है।

22. मजदूरी के भुगतान में देरी होने की स्थिति में क्या होगा?

यदि हाजिरी सूची के बंद होने के पंद्रह दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता है, तो मजदूरी चाहने वाले विलंब के लिए प्रति दिन बकाया मजदूरी के 0.05 प्रतिशत की दर से मुआवजे के हकदार होंगे।

23. नए अधिनियम के तहत उपस्थिति कैसे दर्ज की जाएगी?

कार्यस्थलों पर उपस्थिति चेहरे की पहचान पर आधारित एक प्रणाली के माध्यम से दर्ज की जाएगी। हालांकि, सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, खराब या अनुपलब्ध नेटवर्क कनेक्टिविटी, तकनीकी समस्याएं, उपकरण संबंधी समस्याएं या अन्य असाधारण परिस्थितियों जैसे वास्तविक मामलों में अपवाद प्रबंधन प्रणाली भी उपलब्ध होगी।

24. क्या श्रमिकों को कार्यस्थल पर सुविधाएं मिलेंगी?

जी हां। कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। कार्यस्थल पर सुरक्षित पेयजल, बच्चों के लिए छाया एवं विश्राम के लिए स्थान और प्राथमिक चिकित्सा पेटी अवश्य होनी चाहिए।

25. क्या कृषि के चरम मौसमों के दौरान काम जारी रह सकता है?

बुवाई और कटाई जैसे कृषि के चरम मौसमों के दौरान पर्याप्त श्रम की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु, राज्य सरकारें कृषि के चरम मौसमों को कवर करने वाली एक अवधि को अधिसूचित करेंगी। इस अवधि के दौरान इस अधिनियम के तहत कोई कार्य नहीं किया जाएगा।

26. यदि कार्य पांच किलोमीटर से अधिक दूर हो, तो क्या होगा?

जहां तक संभव हो, आवेदक के गांव से 5 किलोमीटर के दायरे में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यदि रोजगार इससे अधिक दूरी पर (लेकिन ब्लॉक के भीतर) उपलब्ध कराया जाता है, तो श्रमिकों को परिवहन और रहने-सहने के खर्चों के लिए मजदूरी दर का 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा।

27. जिला स्तर पर इस योजना का कार्यान्वयन कौन करेगा?

जिला कलेक्टर या राज्य सरकार द्वारा नामित समकक्ष अधिकारी जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) के रूप में कार्य करेगा।

28. कार्यक्रम अधिकारी के रूप में कौन कार्य करेगा?

ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम अधिकारी के रूप में ब्लॉक विकास अधिकारी से नीचे दर्जे के अधिकारी की नियुक्ति नहीं की जाएगी।

29. ग्राम पंचायतों की भूमिका क्या होगी?

इस योजना के कार्यान्वयन में ग्राम पंचायतों की केन्द्रीय भूमिका होगी, जिसमें परिवारों का पंजीकरण, रोजगार के लिए आवेदन प्राप्त करना, कार्यों का निष्पादन, योजना से संबंधित अभिलेखों का रखरखाव और विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं (वीजीपीपी) की तैयारी आदि शामिल हैं।

30. क्या ठेकेदारों को अनुमति दी जाएगी?

जी नहीं, इस अधिनियम के तहत वित्तपोषित कार्यों के निष्पादन हेतु ठेकेदारों को नियुक्त नहीं किया जा सकता है।

31. क्या भारी मशीनरी का उपयोग किया जा सकता है?

जी नहीं, सभी कार्य शारीरिक श्रम से किए जायेंगे और जहां तक संभव हो, श्रम को विस्थापित करने वाली मशीनों का उपयोग नहीं किया जाएगा।

32. इस अधिनियम के तहत निधि के बंटवारे का स्वरूप क्या है?

निधि के बंटवारे का स्वरूप इस प्रकार है:
पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10 का अनुपात,
विधायिका वाले अन्य राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए 60:40 का अनुपात,
विधायिका रहित केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए शत-प्रतिशत केन्द्रीय वित्त पोषण।

33. इस अधिनियम के तहत राज्यवार आवंटन कैसे निर्धारित किए जाते हैं?

राज्यवार मानक आवंटन का निर्धारण केन्द्र सरकार द्वारा इस अधिनियम के तहत निर्धारित वस्तुनिष्ठ मापदंडों के आधार पर किया जाना प्रस्तावित है।

34. सामग्री व्यय का कितना प्रतिशत स्वीकृत किया गया है?

इस अधिनियम के तहत सामग्री घटक पर होने वाला व्यय जिला स्तर पर 40 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।

35. कार्यस्थल पर पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित की जाती है?

प्रत्येक कार्यस्थल पर एक “जनता बोर्ड” प्रदर्शित किया जाना चाहिए जिसमें कार्य का विवरण, अनुमानित श्रम दिवस, सामग्री की मात्रा और मदवार लागत दर्शाई गई हो।

36. जनता को इस योजना की प्रगति के बारे में कैसे सूचित किया जाता है?

प्रमुख मापदंडों, हाजिरी सूचियों, भुगतानों और स्वीकृतियों के डिजिटल और भौतिक प्रदर्शन सहित साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण प्रणाली का प्रावधान है। ग्राम पंचायतों को साप्ताहिक आधार पर प्रकटीकरण बैठकें भी आयोजित करनी होंगी।

37. विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) क्या है?

विकसित ग्राम पंचायत योजना समन्वय पर आधारित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार एक स्थानीय विकास योजना है, जिसे ग्राम पंचायतों द्वारा सहभागी एवं साक्ष्य-आधारित योजना के जरिए विकसित भारत @2047 के अनुरूप तैयार किया गया है।

38. वीजीपीपी क्यों महत्वपूर्ण है?

विकसित ग्राम पंचायत योजना (वीजीपीपी) इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस अधिनियम के तहत सभी कार्य ग्राम पंचायत द्वारा तैयार और ग्राम सभा द्वारा सहभागी दृष्टिकोण के जरिए अनुमोदित वीजीपीपी से ही शुरू होने चाहिए ताकि आवश्यकता-आधारित, समन्वय-उन्मुख और संतृप्ति-केन्द्रित ग्रामीण विकास नियोजन सुनिश्चित हो सके।

39. इस अधिनियम के तहत किस प्रकार के कार्यों की अनुमति है?

यह अधिनियम सतत और सुदृढ़ ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चार प्रमुख विषयगत क्षेत्रों के अंतर्गत कार्यों के निष्पादन की अनुमति देता है:
जल सुरक्षा से संबंधित कार्य
ग्रामीण बुनियादी ढांचा
आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा
चरम मौसम से बचाव संबंधी कार्य

40. क्या अन्य योजनाओं के साथ समन्वय किया जा सकता है?

जी हां। यह अधिनियम केन्द्र, राज्य और स्थानीय योजनाओं के समन्वय के जरिए “एकल योजना, बहु-वित्तपोषण” दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।

41. क्या पीएमएवाई-जी के कार्यों को 90/95 व्यक्ति-दिवस मजदूरी सहायता के लिए लिया जा सकता है?

जी हां। लागू दिशानिर्देशों के अनुसार, आवास संबंधी पीएमएवाई-जी के कार्यों को इस अधिनियम के तहत 90/95 व्यक्ति-दिवस मजदूरी सहायता प्रदान करने के लिए लिया जा सकता है।

42. क्या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान छूट दी जाती है?

जी हां, प्राकृतिक आपदाओं या असाधारण परिस्थितियों के दौरान राज्य सरकार की सिफारिश पर केन्द्र सरकार नुमत कार्यों का विस्तार करने, वैतनिक रोजगार बढ़ाने और दस्तावेजीकरण संबंधी मानदंडों में ढील देने जैसी विशेष छूट दे सकती है।

Written by

Notes Ai

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