तुरतुरिया छत्तीसगढ़ के ऐसे एक स्थान नहीं जहां Lav Kush Janmbhumi Turturiya Dham : बाल्मिकी आश्रम और लव कुश की जन्मस्थली की यात्रा है | turturiya dham अनेक धार्मिक और पौराणिक कथाओं से जुड़ा एक अद्भुत तीर्थस्थल है। यह प्राचीन स्थल बलोदा बाजार और महासमुंद जिले की सीमा पर स्थित है, जो इसे पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाता है।
तुरतुरिया धाम में कई प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल हैं जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहाँ का मुख्य मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसे “तुरतुरेश्वर महादेव” के नाम से जाना जाता है। मंदिर के आसपास कई अन्य मंदिर भी हैं, जिनमें भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण को समर्पित मंदिर शामिल हैं।
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Lav Kush Janmbhumi Turturiya Dham की कहानी
एक प्राचीन धार्मिक स्थल जो छत्तीसगढ़ में है Lav Kush Janmbhumi Turturiya Dham जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह स्थान सीता मां के जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है, जो भगवान श्री राम की पत्नी थीं।
सीता माँ के जन्मस्थान के रूप में माना जाता है कि भगवान राम ने उन्हें छोड़ दिया था जब उन्हें परित्याग किया गया। माता सीता को फिगेश्वर के समीप स्थित सोरिद अंचल ग्राम (रमई पाठ) में छोड़ दिया गया था। वहाँ ही माँ का आवास स्थान था। सीता माँ की मूर्ति आज भी उस स्थान पर स्थित है। जब महर्षि वाल्मीकि को माँ सीता के बारे में पता चला, तो उन्होंने उन्हें अपने साथ तुरतुरिया ले आए। तुरतुरिया के आश्रम में रहते हुए सीता माँ ने लव और कुश को जन्म दिया।
Lav Kush Janmbhumi Turturiya Dham में आज भी कई दर्शनीय स्थल हैं जो सीता मां के जीवन से जुड़े हुए हैं इनमें वाल्मीकि आश्रम, सीता मंदिर, लव कुश मंदिर, और सीता तालाब प्रमुख हैं। पर्यटकों के लिए turturiya dham एक आकर्षक स्थल है। यहां आप प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं, सीता मां के जीवन से जुड़े स्थानों को देख सकते हैं, और आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर सकते हैं।
Lav Kush Janmbhumi : लव कुश जन्म स्थल
Lav Kush Janmbhumi Turturiya धाम छत्तीसगढ़ का एक ऐसा पर्यटन स्थल है जो इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। यह स्थान केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि कई ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कारण भी प्रसिद्ध है।
Lav Kush Janmbhumi Turturiya में माता सीता ने भगवन राम के पुत्र लव और कुश को जन्म दिया था। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, जब माता सीता गर्भवती थीं, तब भगवान राम ने उन्हें वाल्मीकि के आश्रम में भेज दिया था। यहां, सीता ने लव और कुश को जन्म दिया और वाल्मीकि ने उनका पालन-पोषण और शिक्षा-दीक्षा प्रदान की।
Lav Kush Janmbhumi Turturiya Dham रामायण की रचना महर्षि वाल्मीकि ने इसी स्थान पर की थी। माना जाता है कि उन्होंने यहां तपस्या की थी और उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ था। तुरतुरिया धाम में कई प्राचीन मंदिर और स्मारक हैं, जो इस स्थान के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं। इनमें लव-कुश मंदिर, माता सीता मंदिर, वाल्मीकि आश्रम और गौमुख धारा प्रमुख हैं। Lav Kush Janmbhumi Turturiya Dham
विशाल मेला तीन दिवस का लगता है
यहाँ से प्राप्त शिलालेखों की लिपि से यह अनुमान लगाया गया है कि यहाँ से प्राप्त प्रतिमाओं का काल 8वीं-9वीं शताब्दी में हो सकता है। प्रत्येक साल, पूस माह में, यहाँ तीन दिवसीय मेला लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहाँ आते हैं। इस स्थल का धार्मिक और पुरातात्विक महत्व होने के साथ-साथ इसकी प्राकृतिक सुंदरता भी पर्यटकों को आकर्षित करती है।
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तुरतुरिया नाम पड़ने की कथा
इस पर्यटन स्थल का नाम तुरतुरिया पड़ने के पीछे भी एक कहानी बताई जाती है। ग्रामीण बताते हैं कि 200 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश के एक संत कलचुरी कालीन राजधानी माने जाने वाले स्थल पहुंचे। घने जंगलों और पहाड़ों से घिरे स्थल पर लगातार पानी की धार बहती रहती थी, जिससे तुर-तुर की आवाज निकलती थी। बताया जाता है कि इसी तुर-तुर की आवाजों के कारण संत ने इस स्थान का नाम तुरतुरिया रख दिया। Lav Kush Janmbhumi Turturiya Dham
तुरतुरिया नाम कैसे पड़ा?
‘तुरतुरिया’ शब्द का अर्थ ‘छोटे-छोटे बुलबुलों की ध्वनि’ होता है, यहां 12 जलधाराएं हैं जो प्रकृति की गोद में सरम्य तुर-तुर ध्वनि के साथ बहती हैं, जिसके कारण इस स्थान का नाम तुरतुरिया पड़ा। इन जलधाराओं का संगम एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है और पर्यटकों को आकर्षित करता है। तुरतुरिया धाम केवल धार्मिक महत्व के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जाना जाता है। हरी-भरी पहाड़ियों से घिरा यह स्थान, मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है। शांत वातावरण और मनमोहक परिदृश्य, पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। Lav Kush Janmbhumi Turturiya Dham
निष्कर्ष
दोस्तों आप सभी अपने परिवार और दोस्तों के साथ यह जा सकते है आप को बहुत आनंद आएगी | दोस्तों ऐसी Lav Kush Janmbhumi Turturiya Dham : बाल्मिकी आश्रम और लव कुश की जन्मस्थली की यात्रा छत्तीसगढ़ का रहस्यमय और आकर्षक पर्यटन स्थल में घूमने की जगह के बारे में जाने के लिए हमारे वेबसाइट Tourist Places से जुड़े रहे | धन्यवाद….